बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे शिक्षा मित्रों के सब्र का बांध टूट गया। दिन भर इंतजार के बाद कार्यालय बंद होते देख शिक्षामित्र भड़क गए। महिला शिक्षामित्रों ने जमकर हंगामा किया।
हंगामा बढ़ता देख कर्मचारियों ने पुलिस बुला ली। पुलिस और महिला शिक्षामित्रों ने बीच नोकझोंक होने लगी। इसी बीच धक्कामुक्की में दो महिला शिक्षामित्र बेहोश हो गईं। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया।
प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। उधर, हंगामे के दौरान बीएसए के पुखरायां डायट में होने की सूचना मिली तो सभी शिक्षामित्र वहां पहुंच गए। बीएसए के न मिलने पर शिक्षामित्रों को निराशा का सामना करना पड़ा।
सूबे के सभी जिलों में 91 हजार शिक्षा मित्रों भर्ती प्रक्रिया चल रही है। शासनादेश के मुताबिक इन सभी शिक्षामित्रों को 30 अप्रैल तक नियुक्ति पत्र देने थे।
जिसको लेेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय दो दिन से शिक्षामित्र दौड़ रहे थे। भारी संख्या में जिले भर के शिक्षामित्र सुबह दस बजे बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंच गए। दिनभर बीएसए का इंतजार करते रहे।
शाम को जब पांच बजे कार्यालय बंद होने का समय हो गया तो महिला शिक्षामित्र नियुक्ति पत्र को लेकर अड़ गईं। कार्यालय में जमकर हंगामा करने लगीं। बवाल होता देख बीएसए कार्यालय के कर्मचारियों ने पुलिस बुला ली।
जिसको लेकर 250 से अधिक महिला शिक्षामित्र भड़क गईं। पुलिस को रोकने पर बवाल बढ़ गया। इस दौरान धक्का मुक्की में हो गई। जिसमें संदलपुर की आरती और राजपुर की शैलजा बेहोश हो गईं।
उन्हें तत्तकाल जिला अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। उधर, बवाल के दौरान बीएसए कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने पानी की सप्लाई भी बंद कर दी थी।
एक -एक करके सारे बाबू वहां से खिसक लिए। इस दौरान शिक्षामित्रों को पता चला कि बीएसए पुखरायां स्थित डायट में हैं तो वह श्याम सिंह भदौरिया के नेतृत्व वहीं पहुंच गए, लेकिन वहां भी मायूसी हाथ लगी।