पिता की मौत के बाद जीवन में आ गई थी निराशा
वर्ष 2010 में पिता की मौत ने इरफान के जीवन में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने राजनीति में जाने की कोशिश की, लेकिन चुनावी मैदान में हार गए। असफलताओं ने जीवन में निराशा भरना शुरू किया, तो अपना घर छोड़ दिया। इसके बाद चुनौतियों से पार पाने के लिए एक लक्ष्य तय किया। लक्ष्य था एक ऐसे मकान का निर्माण, जो हर किसी के लिए अनोखा हो।
बंजर जमीन को चुना और खड़ा कर दिया सपनों का महल
इरफान ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए बंजर जमीन को चुना था। बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए जमीन के भीतर से निकलने वाली मिट्टी का प्रयोग किया। दोनों कार्य में सफलता मिली। अब इरफान की कलाकृति लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इसे देखने लोग दूर से पहुंच रहे हैं।