दोस्ती के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) शुचि श्रीवास्तव की कोर्ट ने घर बुलाकर दोस्त की निर्मम हत्या करने वाले दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट के आदेशानुसार, जुर्माने की आधी धनराशि मृतक के भाई को दी जाएगी।
शराब पार्टी में विवाद और खौफनाक वारदात
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना 19 मार्च 2021 की है। बर्रा-2, मनोहरनगर निवासी विनय कुमार प्रभाकर उर्फ छोटू को उसके दोस्त शैलेश नाथ प्रजापति उर्फ लालू (निवासी बर्रा-8) ने अपने घर बुलाया था। विनय घर पर यह बताकर निकला था कि उसे लालू और उसका एक अन्य साथी अर्श गुप्ता निवासी बांगरमऊ, उन्नाव बुला रहे हैं।
ऐसे खुला राज: खून के धब्बों और मोबाइल ने दिलाई सजा
देर रात तक जब विनय घर नहीं लौटा, तो उसका भाई पवन बर्रा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा। उसी दौरान पुलिस ने बिधनू में मिले एक अज्ञात शव की शिनाख्त कराई, जो विनय का ही निकला। शंभुआ गांव के चौकीदार ने रिंद नदी के पास पीडब्ल्यूडी की खाली जमीन पर शव देखकर बिधनू पुलिस को सूचना दी थी।
पिता साथ करते थे नौकरी, वहीं से हुई थी दोस्ती
विनय और शैलेश के परिवार एक-दूसरे को काफी पहले से जानते थे। दोनों के पिता कालपी रोड स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में नौकरी करते थे, जिसके चलते दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। इसी पारिवारिक पहचान के कारण विनय और शैलेश के बीच गहरी दोस्ती हो गई थी। शैलेश जहां प्राइवेट नौकरी करता था, वहीं दूसरा दोषी अर्श फर्नीचर का काम करता था।