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भैंसों की मौत की खबर सुनकर आ गई साले-बहनोई की मौत

Thu, 15 Jun 2017 09:17 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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बिंदकी सीएचसी में रोते बिलखते परिजन।
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‘जल्दबाजी से देरी से भली’ और ‘जल्दी का काम शैतान’ का ये सभी कहावतें फतेहपुर में उस समय चरितार्थ हो गईं जब साले-बहनोई ‘अकाल मौत’ का शिकार हो गए। बिंदकी के पास कल्यानपुर थाना क्षेत्र के मुगलरोड हाईवे पर पहुर मोड़ के पास बाइक सवार दूध कारोबारी साले-बहनोई को मंगलवार रात डंपर ने कुचल दिया। हादसे में मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। चालक डंपर छोड़कर भाग निकला। साले-बहनोई कानपुर स्थित अपने चट्टे में करंट से अपनी आठ भैंसों की मौत की खबर सुनकर आनन-फानन दौड़े आ रहे थे, तभी मौत ने झपट लिया। बाइक चालक हेलमेट लगाए था।
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बिंदकी के जनता गांव निवासी गोरेलाल यादव के बच्चे का मंगलवार को छठी समारोह था। आयोजन में महराजपुर थाना क्षेत्र के गौसर गांव निवासी भतीजा अर्जुन सिंह यादव (42) अपने बहनोई शिव सिंह (40) पुत्र रामआसरे यादव निवासी ओ ब्लाक नौबस्ता यशोदा नगर कानपुर के साथ बाइक से आया था। इनके साथ परिवार के दूसरे सदस्य भी बाइकों से आए थे। कार्यक्रम के दौरान ही शिव सिंह को सूचना मिली कि कानपुर स्थित उसके चट्टे में बिजली का तार गिरने से आठ भैंसों की मौत हो गई है। यह सुनते ही शिव सिंह अपने साले अर्जुन सिंह के साथ बाइक से कानपुर की ओर भागा। रात करीब एक बजे पहुर मोड़ के पास चौडगरा की ओर से आ रहे डंपर ने इन्हें कुचल दिया। करीब बीस मिनट बाद पीछे से अर्जुन सिंह यादव का छोटा भाई पंकज कुछ साथियों के साथ बाइक से मौके पर पहुंचा तो पुलिस को देखकर वह मौके पर रुक गया। भाई अर्जुन और बहनोई को मरणासन्न हालत में देखकर वह बदहवास हो गया। पुलिस घायलों को लेकर सीएचसी पहुंची। यहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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