बेहोशी की हालत में टैंक से बाहर निकाला गया
टैंक में गंदगी व गैस भरी होने के कारण दोनों लोग उसमें डूब गए। इन दोनों को बचाने के लिए परिजनों ने कड़ी मशक्कत की, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद में जेसीबी मशीन ने टैंक को तोड़ कर करीब एक घंटे बाद टैंक से बाहर निकाले गए। दोनों को बेहोशी हालत में टैंक के बाहर निकाला गया।
डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया
आनन फानन में निजी वाहन से दोनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाल व डॉ. परवेज कादरी ने दोनों का गहन परीक्षण किया और उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक रामसेवक अपने पीछे पत्नी सुनीता, पुत्री खुशी व पलक व पुत्र मोहित पिता कलकु व माता रामसखी को रोता बिलखता छोड़ गया।
छोटे भाई को बचाने के लिए कूदा था बड़ा भाई
वहीं, आरक्षी अभी अविवाहित है। बड़े भाई शत्रुघ्न कुशवाहा ने बताया कि घर में निर्माण कार्य होना था। इसी को लेकर दोनों छोटे भाई आपस में चर्चा कर रहे थे। तभी लालबहादुर टैंक के ढक्कन टूट जाने से उसमें गिर गया और उसे बचाने के लिए रामसेवक भी उसमें कूद गया, जिससे यह हादसा हो गया है।