कानपुर। हिंदी भाषी छात्रों की परेशानियों को दूर करने के उद्देश्य से हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसरों ने पेंट टेक्नोलॉजी की हिंदी में पुस्तक लिख दी है। इस पुस्तक की मदद से हिंदी मीडियम से आने वाले छात्र विषय को बेहतर तरह से समझ सकेंगे। विवि में पहली बार किसी प्रोफेसर ने विषय की पुस्तक छात्रों के लिए हिंदी भाषा में लिखी है। न केवल छात्र बल्कि विशेष रूप से स्थानीय उद्योगों के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी यह पुस्तक लाभप्रद होगी।
पेंट टेक्नोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण मैथानी और प्रो. प्रमोद कुमार ने छात्रों के लिए 500 पन्नों की किताब लिखी है। पेंट टेक्नोलॉजी : सिद्धांत एवं प्रायोगिकी नाम की इस किताब में विषय के कठिन शब्दों का न केवल हिंदी अनुवाद किया गया है बल्कि इसे विस्तृत रूप से समझाया है ताकि छात्र जब अंग्रेजी की किताब को पढ़ें तो उन्हें कोई दिक्कत न आए। छोटे और मध्यम उद्योगों (जो भारतीय पेंट क्षेत्र की रीढ़ हैं) में कुशल श्रमिकों, तकनीशियन और जूनियर से मिड लेवल के अधिकारियों का एक बहुत बड़ा हिस्सा हिंदी में अधिक सहज और धाराप्रवाह है।
कई छात्र ऐसे आते हैं जिनकी 12वीं तक की शिक्षा हिंदी माध्यम से हुई है, ऐसे लोगों को पेंट टेक्नोलॉजी को पढ़ने और समझने में काफी दिक्कत आती है। प्रो. मैथानी ने कहा कि तकनीकी मैनुअल, वैश्विक पाठ्य पुस्तकें और सुरक्षा डाटा शीट अक्सर जटिल अंग्रेजी में होती हैं जो समझ में बाधा उत्पन्न करती हैं। पॉलिमर रसायन, डिस्पर्सन प्रौद्योगिकी, जंग की प्रक्रियाएं और एप्लिकेशन तकनीकों की जटिल अवधारणाओं को मातृभाषा में समझना कहीं आसान होता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में हिंदी या मातृभाषा में पढ़ाई करने पर जोर दिया जा रहा है। इसे ध्यान में रखकर ही विषय की किताब को हिंदी में लिखने का प्रयास किया है। इस सत्र से यह पुस्तक छात्रों के लिए उपलब्ध होगी।