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पुलिस के खिलाफ भाजपा नेताओं ने खोला माेर्चा, ऐसे करते थे एफआईआर में खेल

Wed, 06 Feb 2019 06:18 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में अपराध रोकने में नाकाम रहने और एफआईआर में खेल करने पर सोमवार को एसएसपी अनंत देव ने महाराजपुर एसओ रवि शंकर त्रिपाठी, दरोगा आलोक तिवारी व धर्मेंद्र कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। डीजीपी ओपी सिंह ने जब मामलों की रिपोर्ट तलब की तो देर शाम एसएसपी ने आनन-फानन में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की।
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28 दिसंबर को रेल बाजार निवासी व्यापारी प्रमोद वर्मा को महाराजपुर थाना क्षेत्र में लेवलर मशीन ने कुचल दिया था। हादसे में प्रमोद की मौत हो गई थी। आरोप है कि बाद में महाराजपुर पुलिस ने लेवलर मशीन की जगह दूसरे वाहन को दिखाया था।

 
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30 जनवरी को सर्राफ पंकज वर्मा की लक्ष्मी ज्वैलर्स की दुकान पर डाका डालकर दो लाख का माल लूट ले गए थे। इसमें बदमाशों ने उनके पड़ोसी दुकानदार श्रीप्रकाश मिश्रा को बंधक बनाकर पीटा था और खेत में फेंक दिया था। मामले में पुलिस ने डकैती की रिपोर्ट दर्ज कर 12 घंटे के भीतर चोरी की धारा में बदल दिया था।

इन दोनों घटनाओं में हुई कार्रवाई से नाराज भाजपा किसान मोर्चा दक्षिण के महामंत्री रजत पांडेय, हरजेंदर नगर मंडल के कार्यसमिति सदस्य शुभम शुक्ला व मोहित पांडेय ने जिलाध्यक्ष को इस्तीफा सौंपा था। दूसरी तरफ सोमवार को आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने लखनऊ में डीजीपी ओपी सिंह से मिलकर महाराजपुर पुलिस की शिकायत की थी। डीजीपी ने शहर पुलिस कप्तान से दोनों मामलों की रिपोर्ट तलब कर पूरी जानकारी मांगी थी।

महाराजपुर पुलिस के खिलाफ करीब डेढ़ महीनों से व्यापारियों और भाजपा नेताओं ने मोर्चा खोल रखा था। उनका आरोप था कि एसओ समेत अन्य पुलिसकर्मी आम लोगों से दुर्व्यवहार करते हैं। दोनों घटनाओं के बाद व्यापारी कई बार एसपी ग्रामीण, सीओ सदर सहित एसएसपी से मिलकर शिकायत की थी। व्यापारियों ने धरना प्रदर्शन भी किया लेकिन पुलिस अफसर कार्रवाई करने को तैयार नहीं थे। मामला डीजी कार्यालय पहुंचे तो कार्रवाई की गई।
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