यूपी के कानपुर शहर व आसपास के जिलों में गर्मी का कहर चरम पर है। वायरल इंसेफेलाइटिस और गैस्ट्रो का हमला जारी है। मंगलवार को हीट स्ट्रोक से दो लोगों की मौत हो गई और कई मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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डेमाे पिक
बारिश के बाद होने वाली संक्रामक बीमारियां अभी से शुरू हो गईं हैं। हीट स्ट्रोक से हैलट में भर्ती घाटमपुर के शिवपूजन (68) और कार्डियोलाजी में बिल्हौर की विद्या (62) की मौत हो गई। हीट स्ट्रोक के चलते इनका इलाज झोलाछाप कर रहे थे। इसी तरह हीट स्ट्रोक के लक्षण पर आलोक और ऋषभ को उर्सला इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। उधर, हैलट में अरविन्द कुमार और आरके वर्मा की ओपीडी में सुबह से बुखार के मरीजों की लाइन लगी रही। डॉ.कुमार ने बताया कि वायरल के साथ अब फिर से हीट स्ट्रोक ने दस्तक दे दी है। बहुत देर धूप में घूमना भारी पड़ सकता है। इस समय का बुखार में सिरदर्द और तेज बुखार होता है। उधर उर्सला में भी 17 सौ मरीज एक दिन में रिपोर्ट हुए।
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डॉ.एसएन बाजपेई और डॉ.गौतम जैन की ओपीडी में बुखार के मरीजों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई है। डॉ.बाजपेई ने बताया कि उमस भरी गर्मी का दौर बारिश के बाद शुरू होता था लेकिन इस बार जून की शुरूआत में ही वायरल बुखार ने दस्तक देकर शहरियों के लिए दिक्कत पैदा कर दी है इसलिए मरीजों को बुखार आए तो पहले वह डॉक्टरों को दिखाए।
- गंदे पानी के संपर्क में आने से बचें।
- मच्छरों के बचाव लिए घर के आसपास पानी न जमा होने दें।
- बारिश के मौसम में बच्चों को बेहतर खान-पान दें।
- मच्छरदानी या कीटनाशक दवा का उपयोग करें।
- बच्चों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं।
- ज्यादा देर धूप में न रहें।
- कमरे में तापमान का संतुलन बनाएं रखें।