रविवार को ग्राम विकास अधिकारी और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) एक साथ होने से परीक्षार्थी चक्कर में पड़ गए। असमंजस में रहे कि कौन सा पेपर दें, कौन सा छोड़ें। ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा में रविवार को सुबह पेपर खुलते ही आपाधापी हो गई।
आयोग के पत्र में पेपर का समय सुबह 11 से 12:30 बजे तक बताया गया था लेकिन पेपर में परीक्षा का समय दो घंटे दिया था। गलती पकड़ में आने पर आनन-फानन सभी परीक्षा केंद्रों को सूचना देकर परीक्षा का समय आधा घंटे बढ़वाया गया। 19 हजार तीन सौ अभ्यर्थी गैर हाजिर रहे।
ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा के लिए शहर में 80 केंद्र बनवाए गए थे। शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा कराने के लिए 27 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 80 स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए थे। परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों को बताया गया था कि परीक्षा सुबह 11 से दोपहर 12:30 बजे यानी डेढ़ घंटे की होगी।
सुबह 11 बजे पर्चा खोला गया तो उस पर परीक्षा का समय दो घंटे देख बीएसएस कालेज के एक शिक्षक ने एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह को फोन किया। एडीएम फाइनेंस ने आयोग से संपर्क साधा तो बताया गया कि परीक्षा का समय दो ही घंटे है। तब आनन-फानन हर केंद्र पर दो घंटे तक यानी एक बजे तक परीक्षा कराने को कहा गया।