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दो लॉ कॉलेजों की परीक्षा निरस्त

Wed, 10 Feb 2016 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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पर्यवेक्षकों को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी देने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कानपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने मंगलवार को गया प्रसाद द्विवेदी लॉ कॉलेज और शहीद भगत लॉ कॉलेज बिठूर की 10, 11 और 12 फरवरी की परीक्षाएं अनिश्चितकाल के लिए निरस्त कर दी हैं।
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यह परीक्षा चौबेपुर के प्रमोद चरण लॉ कॉलेज में कराई जा रही थीं। कुलपति का कहना है कि इन कॉलेजों को काली सूची में डालने और जुर्माना वसूलने की कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रमोद चरण लॉ कॉलेज चौबेपुर को परीक्षा केंद्र बनाकर गया प्रसाद द्विवेदी लॉ कॉलेज और शहीद भगत सिंह लॉ कॉलेज के स्टूडेंटों की सेमेस्टर परीक्षा कराई जा रही हैं। मंगलवार को सुबह 10 से 1 बजे की पाली में एलएलबी थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा थी, तभी यूनिवर्सिटी के पर्यवेक्षक डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. विजय यादव और डॉ. विजय गुप्ता की टीम कॉपी, पेपर के साथ पहुंच गई।
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इन सबने नकल विहीन परीक्षा कराने का दबाव बनाया। तमाम स्टूडेंटों से नकल सामग्री भी छीन ली। नकल न मिलने से नाराज करीब 500 स्टूडेंट परीक्षा छोड़कर कक्षा से बाहर आ गए और पर्यवेक्षकों को बंधकर बना लिया।

स्टूडेंटों ने कहा कि नकल कराने का ठेका लिया गया था, जो नहीं हो सकी। अब स्टूडेंटों का भविष्य बर्बाद हो गया, इसलिए शिक्षकों को भी नहीं बख्शा जाएगा। इस मामले की सूचना यूनिवर्सिटी प्रशासन को दी गई।

आनन-फानन में पुलिस से संपर्क साधा गया लेकिन सही रिस्पांस नहीं मिल सका। आरोप है कि चौबेपुर एसओ मौके पर पहुंचे लेकिन बगैर कार्रवाई लौट आए। इससे नकल का दबाव बनाने वाले स्टूडेंटों का हौसला और बढ़ गया।

पर्यवेक्षकों के साथ गालीगलौज भी की गई। बाद में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने क्षेत्रीय लोगों से संपर्क साधा और पर्यवेक्षकों को निकालकर बाहर ले आए। इस घटना से पर्यवेक्षक सहमे दिखे। इसी का नतीजा रहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को लेकर मीटिंग की और स्टूडेंटों की आगे की परीक्षा स्थगित किए जाने का आदेश जारी कर दिया।

महंत ने खोली धोती
नकल न मिलने से परेशान एक अभ्यर्थी (महंत) ने धोती छोड़ दी। पर्यवेक्षकों से कहा कि नकल नहीं मिल सकी। अब फेल होना तय है। ऐसे में गेरुआ धोती-कुर्ता पहनने से कोई फायदा नहीं है। यह देख पर्यवेक्षक और अन्य शिक्षकों ने हैरानी जताई।

पहले भी हो चुका है बवाल
प्रमोद चरण लॉ कॉलेज में पहले भी हंगामा हुआ था। नकल के लिए गोलीबारी और महिला पर्यवेक्षकों को बंधक बनाए जाने की रिपोर्ट मिली। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंटों का हित देखा और परीक्षा कराने का सिलसिला जारी रखा। मंगलवार की घटना ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को कार्रवाई करने पर विवश कर दिया।
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