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Kanpur News: वीर बाल दिवस पर दो लाख विद्यार्थी बनाएंगे छात्र शृंखला

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कानपुर। वीर बाल दिवस के अवसर पर इस वर्ष दो लाख से अधिक विद्यार्थी 22 दिसंबर को छात्र शृंखला बनाएंगे। इस दौरान छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां लेकर गुरु पुत्रों की शहादत को नमन करेंगी। यह जानकारी सिख वेलफेयर सोसाइटी की ओर से सरदार गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने मोतीझील स्थित रेस्टोरेंट में पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
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उन्होंने बताया कि चार साहिबजादों की वीरता और उनके बलिदान को याद करने के लिए वीर बाल दिवस की शुरुआत कानपुर से की गई थी। इसके तहत सफर-ए-शहादत सप्ताह की शुरूआत 15 दिसंबर को लाजपतनगर स्थित गुरुद्वारा में श्री सहज पाठ साहिब से की गई। 21 दिसंबर को पाठ की समाप्ति सुबह आठ बजे होगी। 22 दिसंबर को 300 से अधिक स्कूलों के छात्र-छात्राएं दोपहर 12 से साढ़े 12 बजे तक छात्र शृंखला बनाएंगे। 23 दिसंबर को मोतीझील ग्राउंड में विशाल कीर्तन दरबार का आयोजन होगा। इसमें शिमला के गुरप्रीत सिंह, चंडीगढ़ के बलबीर सिंह, गुरुनानक फुलवारी संस्था के बच्चे, मीरी पीरी बाल सखा परिवार, मुरादनगर के सज्जन सिंह, गुरुद्वारा रंजीतनगर के सुरजीत सिंह व शहर के अन्य धार्मिक जत्थे गुरबाणी से संगत को निहाल करेंगे। इस अवसर पर श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत वर्ष को समर्पित प्रदर्शनी मोतीझील में लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में क्यूआर कोड से 57 श्लोकों का हिन्दी में वीडियो अनुवाद मिलेगा। इस प्रदर्शनी का पहला संदेश फिल्मी कलाकार कश्मीरी पंडित अनुपम खेर ने वीडियो के माध्यम से दिया है। वार्ता में अवध बिहारी मिश्रा, डॉ. मनप्रीत सिंह भट्टी, चरणजीत सिंह नामी, रिंपी बिंद्रा, हरमिंदर सिंह, रविंदर सिंह, जसबीर जुनेजा, गगनदीप सिंह, चनबीर सिंह, रविंदर सिंह, गगन सोनी, संदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन परीक्षा के विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार
गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत वर्ष पर संस्था ने पूरे देश में राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी परीक्षा आयोजित की है जो 22 दिसंबर तक चलेगी। परीक्षा में देशभर से अब तक 15,000 प्रतिभागी भाग ले चुके हैं। इसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले विजेताओं का सम्मान समारोह 23 दिसंबर को मोतीझील में आयोजित कीर्तन दरबार में होगा।
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कानपुर से हुई थी वीर बाल दिवस की शुरुआत
वीर बाल दिवस की शुरुआत कानपुर से ही हुई थी। सिख वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने बताया कि संस्था के साथ सिख व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन ने 2018 में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित करने की मांग की थी। उस समय 50 हजार विद्यार्थियों के साथ पहली छात्र शृंखला बनाई गई थी। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो संदेश भी जारी किया था। इसके बाद 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित किया।
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