कानपुर में न्यूरो साइंसेज विभाग की सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ के मामले में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने सख्त फैसला लिया है। इसमें डॉक्टर की स्कूटी रोकने वाले मुख्य आरोपी दो इंटर्न छात्रों की इंटर्नशिप तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दी गई है।
इसके साथ ही उन्हें हमेशा के लिए छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है। घटनास्थल पर खड़े रहने वाले एक इंटर्न की इंटर्नशिप एक महीने के लिए सस्पेंड की गई है। इसके साथ ही एक नॉन पीजी जेआर की जेआरशिप तीन महीने के लिए सस्पेंड की गई है। आरोपी छात्रों के कैंपस आने पर पाबंदी लगा दी गई है।
मेडिकल कॉलेज सभागार के पास करीब एक महीने पहले रात को हैलट से वार्ड का राउंड लेकर लौट रही डॉक्टर की स्कूटी को इंटर्न छात्रों ने रोक लिया था। स्कूटी पकड़ने वाले दो इंटर्न छात्रों को डॉक्टर ने पहचान लिया था, बाकी चार लोगों को वह नहीं पहचान पाई। बाद में जांच कमेटी ने घटनास्थल पर मौजूद एक इंटर्न, एक नॉन पीजी जेआर और दो एमबीबीएस छात्रों को चिह्नित किया। प्रॉक्टर डॉ. जेडी यादव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने दो दिन पहले अपनी रिपोर्ट प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी को सौंप दी।