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मुआवजे की मांग पर चटक रहा है पुलिस का डंडा, 'फसल क्या जली, उम्मीदें राख हो गईं!'

Mon, 23 Apr 2018 08:58 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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सुजीपुरा गांव में पसरा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के इटावा जिले में भरथना के सुजीपुरा गांव में गेहूं की फसल जलने से तबाह हुए किसान परिवारों में सन्नाटा पसरा है। गत रविवार को हाईटेंशन लाइन के गिरने से गेहूं की करीब 200 बीघा फसल क्या जली, इन परिवारों की उम्मीदें भी उसके साथ राख हो गई। इस अग्निकांड से 78 किसानों के लिए रविवार का दिन काला साबित हुआ है। इनमें से कई के यहां तो चूल्हे तक नहीं जले।
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गांव के सूरज सिंह के पुत्र राजेश यादव भी उन पीड़ितों में शामिल हैं। जिनकी करीब 12 बीघा फसल जलकर राख हो चुकी है। एक तरफ फसल जलने से परिवार के भरण पोषण की समस्या उठ खड़ी हुई है तो दूसरी तरफ उनके पुत्र व पुत्री की शादी की तैयारियां ठप हो गई हैं। दुखी मन से राजेश ने बताया कि पुत्र पुष्पेंद्र का 25 अप्रैल को तिलक कार्यक्रम होना था। शादी के कार्ड बांटे जा रहे थे। बेटी निधि की भी शादी तय होने जा रही थी। लड़के वालों को देखने आना था। घर में खुशी का माहौल था। गेहूं की लहलहाती फसल पर उम्मीद टिकी थी। मगर आग ने सब कुछ तबाह करके रख दिया। अब कैसे बेटा और बेटी की शादी होगी। घर कैसे चलेगा, दिमाग सुन्न है। 


नुकसान हुआ सो हुआ और पुलिस का भय अलग
सुजीपुरा गांव के लोग दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। एक ओर उनकी पकी हुई फसल जल चुकी है, ऊपर से पुलिस का भय बना हुआ है। पुलिस के डर से गांव की गलियां सूनी पड़ी हैं। पुरुषों के साथ साथ महिलाओं और बच्चों को भी दूसरी जगहों पर रात बसर करनी पड़ रही है।
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फसल बर्बाद होने से उनके घरों में चूल्हे नहीं जले

शादी का कार्ड दिखाते अग्नि पीड़ित किसान राजेश - फोटो : अमर उजाला
गांव में मौजूद महिलाओं ने बताया कि फसल बर्बाद होने से उनके घरों में चूल्हे नहीं जले हैं। साल भर की कमाई राख हो चुकी है। उसके मुआवजे की तो कोई बात नहीं हो रही। पुलिस का डंडा चटक रहा है। रविवार को रात के वक्त पुलिस की तीन गाड़ियां गांव में चक्कर काटती रहीं। इन महिलाओं का कहना रहा कि पड़ोसी गांव के जो लोग आग बुझाने आए थे।


उन्हीं में से कुछ लोगों ने पुलिस से अभद्रता की और दमकल कर्मियों पर पत्थर फेंके। लेकिन आग से पीड़ित लोगों को ही परेशान किया जा रहा है। अब तक किसी राजनैतिक पार्टी ने उनकी सुध नहीं ली है। मुसीबत के वक्त कोई नेता भी उनके आंसू पौंछने नहीं आया है। 


नुकसान का हो रहा आंकलन
गत रविवार को भरथना थाना क्षेत्र की जिन तीन ग्राम पंचायतों में 78 किसानों की फसल जलकर राख हुई। उनके नुकसान का आंकलन कर लिया गया। राजस्व विभाग के लिपिक वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि आग से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए क्षेत्रीय लेखपालों की टीम लगाई गई थी।

 
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15 नामजद व 50-60 अज्ञात 

सुजीपुरा गांव में अपना दुखड़ा सुनाती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
जिसमें ग्राम पंचायत कुंवरा सुजीपुर के ग्राम सुजीपुरा निवासी 62 किसानों की 9 लाख 52 हजार 110 रुपये, ग्राम पंचायत भरथना देहात के 5 किसानों की 50 हजार रुपये और ग्राम पंचायत पाली कला के ग्राम घमुरिया के 11 किसानों की 13 लाख 88 हजार रुपये कीमत की गेहूं की फसल जलकर नष्ट हुई है।



रविवार को सुजीपुरा व घमुरिया में किसानों के खेतों में लगी भीषण आग को बुझाने आई दमकल व थाना पुलिस की टीम पर हमला करने के मामले में 15 लोगों को नामजद किया गया है और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 


पुलिस निरीक्षक इंद्रपाल सरोज ने बताया कि  ग्राम सुजीपूरा एवं घमुरिया में आग बुझाते समय ग्राम सुजीपुरा निवासी राका पुत्र राकेश यादव, राहुल पुत्र जयराज सिंह, छोटे पुत्र लाखन सिंह, कल्लू पुत्र महेंद्र सिंह, सोनू पुत्र राम नरेश यादव, अन्नू पुत्र राम शंकर, सुनील पुत्र शिवराम सिंह, विपिन पुत्र रमेशचन्द्र, इन्द्रेश पुत्र ज्ञानसिह, सतेन्द्र पुत्र महाराज सिंह, बलवीर पुत्र राजाराम, अरविंद पुत्र सुरेन्द्र, अनुज पुत्र दिनेश कुमार, शैलेंद्र पुत्र शिवराम, व ग्राम पाली खुर्द निवासी कप्तान के साथ 50-60 अज्ञात लोग आ धमके। दमकल कर्मियों के साथ अभद्रता देते हुए लाठी डंडो से मार पीट करने लगे। जिससे दमकल का शीशा व जाली टूट गई। इस मार पीट की घटना में दमकल कर्मी सुभाष चंद्र, फायरमैन ओमकार सिंह व आरक्षी अजीत कुमार के चोटें आई।
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