नोटबंदी के दौरान खातों में बेहिसाब नगदी जमा करने वाले सौ से ज्यादा कारोबारियों ने आयकर विभाग में 250 करोड़ रुपये का कालाधन सरेंडर कर दिया है। यह रकम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में जमा की गई है। इसमें 30 पेशेवर मसलन डॉक्टर, स्कूल, कॉलेज संचालक व ठेकेदार हैं। जबकि 70 से अधिक लोगों में सराफ, बिल्डर, चमड़ा, किराना व खाद्य पदार्थों के कारोबारी व उद्यमी शामिल हैं।
कानपुर शहर में आखिरी दिन करीब 20 लोगों ने इस योजना में हिस्सा लिया। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (उत्तर प्रदेश पश्चिम व उत्तराखंड) के अधीन अन्य जिलों की बात करें तो करीब 700 करोड़ रुपये की रकम जमा हुई है। यूपी का प्रमुख औद्योगिक शहर होने की वजह से सरकार की नजर कानपुर पर अधिक थी। इनकम डिक्लेरेशन स्कीम में भी कानपुर पर ही अधिक फोकस था। योजना में शहर से करीब 1500 करोड़ रुपये व कानपुर कार्यालय के अधीन आने वाले क्षेत्रों से करीब 3000 करोड़ रुपये सरेंडर हुआ था।