गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रहीं हैं। आम के बगीचे में गांव के कई छोटे बच्चे खेल रहे थे। उन्होंने बताया कि दोनों लड़कियां शौच क्रिया के बाद लौटकर पेड़ के पास बैठी रहीं। अपने साथ रस्सी व कुछ कपड़े भी लाई थीं। जब वह दोनों पेड़ पर चढ़ीं तो सभी ने सोचा आम तोड़ने जा रही हैं क्योंकि आम के बगीचे की रखवाली इन्हीं के परिजन करते थे।
बच्चों के अनुसार जब दोनों को पेड़ पर लटके देखा तो डर कर घर भाग गए। कुछ बच्चों ने अपने घर में इसकी जानकारी दी तब उनके परिजनों को पता चला। शिवदेवी व सरिता एक ही तरह की माला-लाकेट पहनती थीं। दोनों काफी देर तक एक दूसरे के साथ एकांत में भी रहतीं थीं।
सरिता के पिता ने बताया कि उसकी शादी के लिए एक महीने पहले एक लड़का देखने गए थे लेकिन शादी की कोई बात तय नहीं हुई थी। वह घर में सबसे बड़ी थी। शिवदेवी चार बहनों में छोटी थी और उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी थी। आशंका यह भी जताई जा रही है कि एक दूसरे से बिछड़ने के डर से तो दोनों ने खुदकुशी नहीं कर ली है या फिर दोनों खेल खेल में फिल्म देखकर कोई स्टंट कर रही हों और यह उन्हें भारी पड़ गया हो।