सुरक्षित बचाई गई दोनों लड़कियों के साथ आरपीएफ एसआई
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मौत के मुंह से बाहर निकली दो लड़कियों की कहानी सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। दोनों छात्राएं चलती ट्रेन से नीचे उतर रही थीं तभी पैर फिसल जाने की वजह से दोनों प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच फंस गईं। ट्रेन स्पीड से बढ़ रही थी साथ में ये दोनों लड़कियां भी चीखती हुई आगे बढ़ती जा रही थीं। दोनों का अाधा शरीर चलती ट्रेन में रफ्तार पकड़े पहिये के बिल्कुल नजदीक था और आधा शरीर दरवाजे के पास। तभी चीख-पुकार सुनकर दौड़े आरपीएफ जवानों ने जान जोखिम में डालकर इन दोनों को ‘मौत के मुंह’ से बाहर निकाल लिया। अगर थोड़ी देर हो जाती तो ये दोनों लड़कियां ट्रेन के नीचे आकर कुचलकर मर जातीं।
कासगंज जनपद के सूर्यपड़ा मोहल्ला निवासी मेहरुननिशा (17) व खुशबू (15) पुत्री असलम अपने परिवार के साथ घर जाने के लिए कन्नौज रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर गाड़ी का इंतजार कर रही थी। जैसे ही कानपुर-कासगंज एक्सप्रेस 15037 प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकी तो भीड़ के चलते उनके परिवार के अन्य सदस्य तो गाड़ी में नहीं चढ़ पाए लेकिन वह दोनों सीट में जाकर बैठ गईं। गाड़ी चलने पर उन्होंने देखा कि उनके परिवार के अन्य सदस्य प्लेटफार्म पर ही खड़े हैं। इस पर वह चलती ट्रेन से प्लेटफार्म पर कूदने लगीं। उनका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन की चपेट में आ गई। तभी आरपीएफ सिपाही शंभूनाथ यादव, किशोर सिंह और राममूरत ने दौड़कर छात्राओं की जिंदगी बचा ली। छात्राओं के हल्की खरोंच है। वह सहमी हुईं हैं।