रसूलाबाद। तरौली गांव के शनिवार की रात दो दोस्तों की मौत हो गई थी। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए थे। सोमवार को दोनों दोस्तों की अर्थियां एक साथ उठी. तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों को रोता-बिलखता देख गांव वालों की भी आंखें भर आईं। ग्रामीणों ने खुदो संभालने के बाद दुखी परिजनों को सांत्वना देकर शांत कराया। इसके बाद दोनों का कोठी घाट अरौल में एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। इधर, दो युवकों की मौत से गांव में मातम छाया रहा।
तरौली गांव निवासी रमेश राठौर के बेटे संजय (30) ने शनिवार की रात घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। रविवार को ग्रामीणों के साथ विजय बहादुर की पत्नी बृजवती भी पड़ोसी होने के नाते रमेश राठौर के घर पर संवेदना व्यक्त करने गई थी। वह संजय की मां रामदेवी को समझा बुझा रही थी। उसी समय बिरहुन चौकी के सिपाही बृजवती के घर पहुंच गए। वहां पता चला कि बृजवती के पड़ोसी के यहां संवेदना व्यक्त करने के लिए गई हैं। सिपाही सीधे रमेश के घर में पहुंच गए। सिपाहियों ने बृजवती को पास बुलाकर घटनास्थल की फोटो दिखाई। साथ ही मृत मिले युवक के बारे में जानकारी ली। बेटे आशीष का फोटो देख बृजवती गश खाकर गिर पड़ी। होश आने पर सिपाहियों ने बताया कि आशीष कटरा गांव में बने मंदिर के निकट मृत अवस्था में पड़ा मिला था। इसके बाद ग्रामीण कटरा गांव पहुंचे शव की पहचान आशीष के रूप में की। रविवार की शाम पोस्टमार्टम होने के बाद दोनों के शव एक साथ गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। सोमवार को दोनो दोस्तों के शवों को परिजनों ने एक साथ कोठी घाट अरौल ले गए। वहां दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया। संजय और आशीष दोनों ही बचपन से मित्र थे। थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने बताया कि संजय की मौत फांसी लगाकर आत्महत्या करने से हुई है। जबकि आशीष की मौत फेफड़ा व लीवर फटने से हुई है। जांच की जा रही है। अभी तक किसी ने तहरीर नहीं दी है।