औलाद की तरह लाड-प्यार और मेहनत से पालकर उगाई फसल को अपनी आंखों के सामने बर्बाद होता देख दो किसानों को बड़ा सदमा लग गया। इस सदमे के बाद वे अब कभी उठ नहीं पायेंगे। मामला यूपी के महोबा जिले का है।
परिवार के मुखिया की मौत
थाना खरेला के ग्राम दमदमा निवासी मूलचंद्र 50 पुत्र शंभूदयाल राजपूत 25 बीघा भूमि का काश्तकार था। किसान ने चार वर्ष पहले किसान क्रेडिट कार्ड पर इलाहाबाद बैंक चरखारी से तीन लाख रुपये कर्ज लिया था। खेती में पैदावार न होने से वह कर्ज की अदायगी नही कर सका। इस बार रबी फसल के दौरान बेहतर बारिश होने पर मूलचंद्र ने रिश्तेदारों से उधार पैसा लेकर खेतों की बुआई कर दी लेकिन सिंचाई के लिए पैसे का इंतजाम नही हो सका। सोमवार की शाम किसान मूलचंद्र खेतों पर पहुंचा तो सिंचाई के अभाव में मुर्झा रही फसल को देखकर उसे अचानक हार्ट अटैक पड़ गया। पड़ोसी किसान रामपाल ने घटना की सूचना परिजनों को देते हुए मूलचंद्र को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी पहुंचाया। जहां से डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मंगलवार की सुबह किसान की जिला अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पत्नी हरकुंवर और पुत्र विनोद कुमार ने बताया कि खेती न होने से परिवार में आर्थिक तंगी है। कर्ज कहां से अदा होकर इसको वह परेशान रहते थे। इस समय खेतों सिंचाई नही हो पा रही थी। अचानक अटैक पड़ने से मौत हुई है।
फसल चट कर गए आवारा जानवर
ग्राम टिकरिया निवासी देवीदीन यादव 38 पुत्र नंदू के पास 15 बीघा भूमि है। बेहतर बारिश होने पर किसान ने खेतों में चना, मटर और गेहूं की फसल बोई थी। किसान देवीदीन खेत में रहकर फसल की रखवाली कर रहा था। सोमवार को किसान किसी कार्य से बाहर चला गया। मंगलवार की सुबह जब देवीदीन खेत पहुंचा तो दर्जनों की संख्या में अन्ना जानवरों फसल चट करने में जुटे थे। फसल बर्बाद देख किसान को सदमा बैठ गया और वह मौके पर ही अचेत होकर गिर गया। आनन फानन में आसपास के किसान देवीदीन को तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने बताया कि देवीदीन के ऊपर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक महोबकंठ का 1.32 लाख रुपये कर्ज था। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है।