यूपी के महोबा जिले में कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान दो किसानों ने फांसी पर झूलकर जान दे दी। एक किसान कर्ज और मर्ज से परेशान था जबकि दूसरे किसान ने सब्जी की फसल सूख जाने और आर्थिक तंगी से फांसी लगा ली। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
महोबा के ग्राम सलैया खालसा निवासी हरीराम (70) पुत्र कामता प्रसाद ने दो साल पहले डेढ़ लाख रुपये इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से कर्ज लिया था। किसान के पास 10 बीघा जमीन थी। किसान का कर्ज बढ़कर करीब दो लाख रुपये हो गया था। दो साल से सूखे के चलते फसल की पैदावार न होने से किसान खासा परेशान था। इधर आंख के अंदर जख्म से भी वह खासा परेशान रहता था। इधर कर्जमाफी की श्रेणी में आने के बाद भी उसका कर्ज माफ न होने और बीमारी बढ़ते जाने से आहत होकर उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के बेटे धर्मवीर ने बताया कि दो साल से फसल की पैदावार न होने और इस साल खेतों में बुुआई न होने से भी काफी चिंतित थे। जिससे उन्होंने मौत को गले लगा लिया।