जालौन लगातार रेलवे ट्रैक के लिए बाधा उत्पन्न कर रहे दो अन्ना मवेशी गुरुवार को जनसाधारण एक्सप्रेस की चपेट में आकर मर गए, जिससे ट्रेन 15 मिनट खड़ी रही। फिर चालक ने कीमैन की मदद से इंजन में फंसे मवेशियों को हटाया, तब जाकर ट्रेन आगे रवाना हो सकी।
मुंबई से गोरखपुर जाने वाली 12589 जनसाधारण एक्सप्रेस जैसे ही झांसी-कानपुर ट्रैक पर उरई स्टेशन के पास स्थित अजनारी रोड रेलवे क्रासिंग नंबर 180 के पास से गुजर रही थी, तभी ट्रैक पर खड़े अन्ना मवेशियों का झुंड देखकर ट्रेन चालक वीके सिंह ने हार्न बजाकर उन्हें हटाने की कोशिश की पर वे नहीं हटे।
तब तक ट्रेन के इंजन में आकर दो अन्ना मवेशी फंस गए और उनकी मौत हो गई। इसके चलते ट्रेन दो बजे से सवा दो बजे तक वहीं खड़ी रही। बाद में ट्रैक की पेट्रोलिंग कर रहे कीमैन ज्ञानसिंह ने मौके पर पहुंचकर इंजन में फंसे मवेशियों को निकाला, तब जाकर ट्रेन 15 मिनट बाद आगे रवाना हो सकी।
रेलवे प्रशासन भी सख्ती के मूड में
किसानों के साथ रेलवे प्रशासन भी अन्ना जानवरों से परेशान हो गया है। अब वह भी अन्ना जानवर छोड़ने वालों पर सख्ती के मूड में है। आरपीएफ के कमांडेंट उमाकांत तिवारी ने बताया कि उन्होंने मातहतों को निर्देश दिया है कि वे रेलवे ट्रैक के किनारे बसे गांवों व रेलवे क्रासिंग पर जाकर लोगों को जागरूक करें और उन्हें हिदायत दें कि यदि अपने जानवर अन्ना छोड़े तो उनके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कमांडेंट के निर्देश पर गुरुवार को आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय ने दरोगा किशनलाल के साथ अजनारी, रिनियां, बड़ागांव, कपासी, शहपुरा, सोमई, एट व पिंडारी आदि रेलवे क्रासिंगों पर जाकर गांववालों को जागरूक किया।