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लापता किशोरी का कंकाल मिलने का मामला, भतीजी की हत्या में सगे दो भाइयों को भेजा जेल

Sun, 04 Oct 2020 08:35 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
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कंकाल मिलने के बाद मौके पर मौजूद परिजन - फोटो : amar ujala
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कानपुर देहात के रूरा में जमीन के विवाद में किशोरी की हत्या कर शव के टुकड़े खेत में फेंकने के मामले में रविवार को पुलिस ने आरोपी सगे दोनों भाइयों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। वहीं, मृतका के पिता ने तीन भतीजों समेत पांच और लोगों पर घटना में शामिल होने का शक जताया है।
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गांव पहुंचे डीएम और एसपी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। पिता ने बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, बाद में कंकाल मिलने पर अपने सगे भाइयों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।

रूरा थाना क्षेत्र के गहोलिया गांव के अनुसूचित जाति के ओमप्रकाश की पुत्री लक्ष्मी (15) 26 सितंबर को लापता हो गई थी। शनिवार को घर के पास बउवन तिवारी के खेत में कंकाल मिला था। जानकारी पर ओमप्रकाश ने अपने भाई जियालाल और ब्रजलाल पर हत्या का आरोप लगाया था।
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पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट में दोनों भाइयों को नामजद कर हत्या में तरमीम कर दिया था। रविवार को डीएम डॉ. दिनेश चंद्र और एसपी केशव कुमार चौधरी ने गांव पहुंचकर पिता ओमप्रकाश व मां माया देवी से घटना के बाबत जानकारी ली।

डीएम ने आरोपियों पर कठोर कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। साथ ही पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट होने के बाबत भी जानकारी ली। इसी बीच किशोरी के पिता ने अपने तीन भतीजों व उनके दो दोस्तों पर भी घटना में शामिल होने का शक जताया।

एसपी ने उन्हें जांच कराने का भरोसा दिया। इधर, डीएम गांव में घूमकर ग्रामीणों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। एसडीएम आनंद कुमार सिंह, सीओ संदीप कुमार मौजूद रहे। इंस्पेक्टर विद्यासागर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। ऐहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात की गई है।

पोस्टमार्टम में सुरक्षित किया हड्डी का नमूना
किशोरी के कंकाल के पोस्टमार्टम में मौत का कारण पता नहीं लगा सका। इस लिए हड्डी का नमूना सुरक्षित कर पुलिस को सौंपा गया है। पुलिस इसे अपने स्तर से विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजेगी। वहां से रिपोर्ट आने के बाद शायद वजह कुछ स्पष्ट हो सके। फिलहाल अभी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। इंस्पेक्टर विद्यासागर सिंह ने बताया कि नमूने को जांच के लिए भेजा जाएगा।

बसपा नेता घटनास्थल पर पहुंचे तो फिर मिले अवशेष
गहोलिया गांव में रविवार को मृतक किशोरी के परिजनों से बसपा जिलाध्यक्ष आनंद कुरील, बीरेंद्र संखवार, रविशशि द्विवेदी, बउवा त्रिवेदी आदि कार्यकर्ताओं के साथ मिलने पहुंचे। वह घटनास्थल गए, जहां किशोरी का कंकाल मिला था।

वहां पहुंचे तो उसके पैर के अस्थिपंजर पड़े मिले। इसकी सूचना सीओ संदीप कुमार को दी। वह तत्काल मौके पर पहुंचे और पुलिस कर्मियों से अवशेषों को दफनवा दिया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जल्दबाजी में पूरे अवशेष तक नहीं समेटे। बसपा कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार के साथ होने का भरोसा दिया।

सपा प्रतिनिधि मंडल ने की मुलाकात
गहोलिया गांव में किशोरी की हत्या के बाद कंकाल मिलने की घटना में सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने चार सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल जांच के लिए भेजा। रविवार को कन्नौज के विधायक अनिल दोहरे, पूर्व विधायक कमलेश दिवाकर, पार्टी के जिला उपाध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव, रचना सिंह ने परिजनों से मुलाकात की। पिता ओमप्रकाश ने प्रतिनिधि मंडल को पूरा घटनाक्रम बताया। साथ ही पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया। सपा के प्रतिनिधि मंडल ने परिवार के साथ होने की बात कही।

गांव में चर्चा, कहीं ऑनर किलिंग तो नहीं!
गहोलिया गांव में किशोरी के कंकाल मिलने की घटना में ग्रामीण अब ऑनर किलिंग की चर्चा कर रहे हैं। ग्रामीणों की माने तो किशोरी के लापता होने के तीन दिन पहले उसकी घर में पिटाई की गई थी। उसके चेहरे पर काफी चोटें आई थीं।
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इसके बाद वह रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी। चर्चा हैकि मृतका रूरा के एक कोल्ड स्टोर में मजदूरी करने जाती थी। वहां कंचौसी के एक युवक से दोस्ती हो गई थी। जिसका परिजन विरोध कर रहे थे। किशोरी के कंकाल मिलने के बाद उसके पिता ने अपने सगे भाइयों व भतीजों पर जमीन के विवाद में हत्या के आरोप लगाए हैं।

पीड़ित परिवार के यह आरोप अब ग्रामीणों को सच नहीं लग रहे हैं। ग्रामीणों की माने तो किशोरी को मजदूरी करने के लिए एक कोल्ड स्टोर जाती थी। वहां सड़े आलू की छटनी करने के काम में लगाया जाता था। वहां कंचौसी का एक युवक काम करता है।

उससे नजदीकी काफी बढ़ने की जानकारी किशोरी के पिता व भाई को मिली तो विरोध करने लगे। परिजनों के गैर मौजूदगी में किशोरी का दोस्त घर आने लगा था। उसने मोबाइल भी दिया था। जिससे यह बात करती थी। इसकी जानकारी परिजनों को हो गई थी।

सूत्रों की माने तो 23 सितंबर को किशोरी की परिजनों ने बात करते पकड़ लिया था और पिटाई की थी। इससे उसके चेहरे व शरीर में चोटें आई थीं। वह घर से बाहर निकलने के दौरान चेहरे में दुपट्टा लपेटे रहती थी ताकि चोट दिखाई न पड़े। 26 सितंबर को अचानक किशोरी लापता हो गई। शनिवार को बच्चों ने खेतों में कंकाल पड़ा देखा। घर से तीन सौ मीटर की दूरी पर शव पड़ा होने के बाद भी परिजनों ने खेत में उसकी तलाश नहीं की, इस पर भी सवालिया निशान लगा रहे हैं।

मृतका के परिजनों ने जमीनी रंजिश की जानकारी दी है। पिता के आरोपों  के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है। मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल पूरे मामले की गहनता से पड़ताल हो रही है। - केशव कुमार चौधरी, एसपी
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