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पत्नियों से चूड़ियां लाने की बात कहकर घर से निकले थे दो भाई, घर वालों को लाना पड़ा कफन

Sat, 19 Jan 2019 12:31 AM IST
प्रशांत कुमार क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मृतक पुष्पेंद्र एवं मनोज
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हंसती खेलती जिंदगी में कब वीराने में बदल जाए किसी को पता नहीं होता है कुछ ऐसा ही महोबा के श्रीनगर निवासी इस परिवार के साथ हुआ। दो हंसते खेलते परिवार एक पल में उजड़ गए। जहां खुशियों का माहोल था वहां मातम होने लगा। चूड़ियों की खन खन की जगह चीखने चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। जानिए क्या है पूरा मामला...
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महोबा जिले के डिगरिया गांव निवासी दो चचेरे भाइयों की पंजाब प्रांत के जनपद फिरोजपुर में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। मृतक तलमंडी स्थित राइस मिल में मुनीम का कार्य करते थे। शुक्रवार को दोनों चचेेरे भाइयों के शव गांव आते ही कोहराम मच गया। ग्राम डिगरिया निवासी मनोज कुमार (25) पुत्र करन सिंह यादव व उसका चचेरा भाई पुष्पेंद्र (31) पुत्र रमेश यादव सात वर्षों से पंजाब में रहकर काम करते थे।

 
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रोते बिलखते परिजन
दोनों चचेरे भाई पंजाब प्रांत के जनपद फिरोजपुर में किराए से रहकर तलमंडी स्थित राइस मिल में काम करते थे। 16 जनवरी को दोनों भाई बाईक से समीप में लगा मेला देखने जा रहे थे। इस दौरान घर पर पत्नियों से बात हुई तो उन्होंने चूड़ियां लाने की बात कही थी। तभी चार पहिया गाड़ी से भिड़त हो गई। जिससे दोनों चचेरे भइयों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन पंजाब पहुंचे।

शुक्रवार को दोनों चचेरे भाइयों के शव एक साथ गांव पहुंचने से हर किसी की आंख नम हो गई। ग्रामीणों मृतकों के परिजनों को ढांढ़स बंधाते रहे। घटना से पुष्पेंद्र की पत्नी सुनीता पर दुखों की पहाड़ टूट पड़ा है। अब उसे तीन पुत्रियों निशा (10), खुशी (04) व मन्नू (02) के पालन-पोषण की चिंता सता रही है जबकि मनोज के एक पुत्र है। पत्नी रानी घटना के बाद से अपनी सुधबुध खो बैठी है। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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