औरैया। डिजिटल पेमेंट डिवाइस की मरम्मत के बहाने ठगी करने के दो आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों कानपुर के गंगागंज निवासी उद्धभ्य और कानपुर देहात स्थित शिवली के गांव मड़ौली कैरानी निवासी निखलेश को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उनके पास से पुलिस को 103 क्यूआर स्कैनर, चार फर्जी सिम, तीन मोबाइल फोन व 2.29 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
एसपी अभिषेक भारती ने सदर कोतवाली में वारदात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कोतवाली के गांव निगड़ा निवासी सुशील गांव करमपुर में परचून की दुकान चलाते हैं। साइबर पुलिस को दुकानदार ने बताया कि 27 नवंबर 2025 को दो युवक दुकान पर आए और फोन पे का डिवाइस ठीक करने व नया क्यूआर कोड बनाने के नाम पर 2.29 लाख रुपये पार कर दिए।
साइबर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर घटना की जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे से आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई। बुधवार को साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार फोर्स के साथ करीब एक बजे ककोर बंबा के पास से कानपुर देहात स्थित कोतवाली शिवली के गांव मड़ौली कैरानी निवासी निखलेश और कानपुर स्थित थाना पनकी के मोहल्ला गंगागंज निवासी उद्धभ्य उर्फ गगन कश्यप को गिरफ्तार कर लिया।
उनके पास से पुलिस ने पेटीएम के 16, भारत पे के 12, फोन पे के 75 क्यूआर स्कैनर के अलावा तीन मोबाइल फोन, चार फर्जी सिम और दुकानदार के खाते से पार की गई पूरी रकम को बरामद की।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह छोटे दुकानदारों को अपने निशाना बनाते हैं। उनके पास जाकर फोन पे, पेटीएम डिवाइस ठीक करने व क्यूआर कोड बनाने के नाम पर दुकानदारों की खाते से संबंधित जानकारी ले लेते थे। डिवाइस में लगी सिम को बदल कर उनके खाते का कंट्रोल अपने हाथ में लेकर ठगी करते थे।