इटावा। शासन के तमाम प्रयासों के बाद भी नैनो डीएपी और यूरिया से जिले के किसान दूरी बनाए हुए हैं। किसानों का विश्वास जीतने के लिए कृषि विभाग के साथ इफको के अधिकारी पसीना बहा रहे हैं। अब तक खरीफ फसल में पौने दो लाख बोरी यूरिया की बेची जा चुकी है जबकि नैनो यूरिया की सिर्फ 1910 बोतलों की बिक्री हो पाई है।
जिले में धान की फसल का रकबा लगभग 67 हजार हेक्टेयर है। इसमें उपयोग के लिए कृषि विभाग की ओर से अब तक 1.75 लाख यूरिया की बोरी वितरित की जा चुकी है। लेकिन किसानों के नैनो यूरिया के प्रति रुझान न लेने से अब तक सिर्फ 1910 बोतल नैनो यूरिया की बिक्री हो सकी है। जबकि विभाग के पास 13,454 नैनो यूरिया की बोतलें उपलब्ध है। वहीं अगर डीएपी की बात करें तो अब तक 65 हजार बोरी डीएपी का वितरण किया जा चुका है यहां भी सिर्फ 1425 बोतल नैनो डीएपी की बिक्री हो सकी है। विभाग के पास 7640 नैनो डीएपी का स्टॉक है। सहकारी समितियों में यूरिया के लिए किसानों की भीड़ कम नहीं हो रही है।