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आसमान से बरसी आफत: 25 मोहल्ले डूबे, एक सप्ताह से 50 हजार आबादी जलभराव में कैद, तब साहब जमीन पर उतरे

Thu, 03 Sep 2026 08:19 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

एक सप्ताह से 50 हजार आबादी जलभराव में कैद रहने को मजबूर है। तीन दिन में नगर आयुक्त के दो दौरे हुए। विधायक भी पहुंचीं।
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जलभराव वाले क्षेत्र में पहुंचे नगर आयुक्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मकड़ीखेड़ा, अग्निहोत्रीनगर, सुख्खूपुरवा, ख्योरा, धुन्नूपुरवा, पहलवान पुरवा और छोटे-बड़े मिलाकर करीब 25 मोहल्लों की 50 हजार आबादी एक सप्ताह से जलभराव से परेशान है। हालात बिगड़े तो अफसरों और जनप्रतिनिधियों को लोगों का दर्द नजर आया। तीन दिन में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने दो बार और विधायक नीलिमा कटियार ने एक बार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
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मंगलवार के बाद गुरुवार को नगर आयुक्त ने मैनावती मार्ग, मटके वाला चौराहा, ठंडी पुलिया, कंपनी बाग, आजादनगर, वीएसएसडी कॉलेज, चिड़ियाघर चौराहा, अमरूद मंडी चौराहा, मैनावती मार्ग, पत्रकारपुरम, मकड़ीखेड़ा, ख्योरा समेत कई इलाकों का जायजा लिया। मकड़ीखेड़ा सीएनजी पंप के पास नालियों में सीएंडडी वेस्ट मिला। इसे हटाने और संबंधित ठेकेदार पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। आंतरिक नालियों की सफाई कराने को भी कहा। बुधवार को विधायक ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया था।
 
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लोगों से बातचीत करते नगर आयुक्त - फोटो : अमर उजाला
अतिक्रमण से आठ फीट रह गया नाला
मकड़ीखेड़ा नाला करीब 16 फीट चौड़ा है, लेकिन मैनावती मार्ग पर अतिक्रमण के कारण चौड़ाई आठ फीट रह गई है। आधी-अधूरी सफाई से जलकुंभी और कचरा जमा है। वहीं बजट जारी होने के बावजूद दो साल में साढ़े तीन किमी लंबे नाले का निर्माण नहीं हो सका। इससे बारिश में पानी बैकफ्लो होकर मोहल्लों में भर जाता है। अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले के मीडिया प्रभारी अशोक सिंह दद्दा, प्रतिनिधि चंचल सिंह भदौरिया ने गुरुवार को सुंदरनगर पहुंचकर जलभराव का हाल देखा और मगरमच्छ को पकड़वाने की मांग की है।

मकड़ीखेड़ा में जलनिकासी के लिए पहले दो पंप लगे थे, अब तीन पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है। पहली प्राथमिकता पानी निकासी कर लोगों को राहत देना है। नाला निर्माण बारिश थमने के बाद होगा। इसके बाद अतिक्रमण भी हटाया जाएगा। - अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त

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