फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

17 साल की मेहनत ने तुषार को बनाया जज, पढ़िए सफलता की कहानी

Sun, 21 Jul 2019 01:37 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
17 साल की मेहनत ने तुषार को बनाया जज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कहते हैं न कि इंसान की मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। कभी न कभी इसका फल जरूर मिलता है। कानपुर के लाल बंगले के तुषार जायसवाल का संघर्ष इन लाइनों पर सटीक बैठता है। तुषार 17 साल से लगातार सिविल सर्विसेज के लिए मेहनत कर रहे थे।
विज्ञापन


कई बार मेंस और इंटरव्यू तक पहुंचे भी लेकिन हर बार असफलता ही हाथ लगी। तुषार ने हार नहीं मानी और मेहनत जारी रखी। उनका चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की पीसीएस-जे 2018 में हो गया। अब वह सिविल जज बन गए हैं।
विज्ञापन

स्नातक करके ही सिविल की करने लगे थे तैयारी 
तुषार बताते हैं कि उन्होंने 1997 में जयपुरिया स्कूल से 10वीं और 1999 में 12वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद 2002 में पीपीएन कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की। तभी से सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट गए। कई बार प्री क्वालीफाई करके मेंस और फिर इंटरव्यू में भी शामिल हुए लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

कई बार उन्हें निराशा हुई लेकिन परिवार ने हमेशा साथ दिया। उन्हीं हौसलों के बल पर वह निरंतर जुटे रहे। 2012 में डीसी लॉ कॉलेज के शिक्षक अनिल भट्ट ने तुषार को लॉ करने के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद तुषार ने पीसीएस-जे की भी तैयारी शुरू कर दी और आखिरकार सफलता हासिल कर ली।

इंटरव्यू के लिए शादी की डेट बढ़ा दी
तुषार बताते हैं कि 30-31 जनवरी 2019 को उनकी शादी की डेट तय थी। इसी दौरान पीसीएस-जे के इंटरव्यू की डेट आ गई। इसके चलते उन्हें शादी टालनी पड़ी। तुषार बताते हैं कि उन्हें पिता अशोक जायसवाल, मां कल्याणली जायसवाल और पत्नी रिचा जायसवाल ने हमेशा मदद की। पिता होटल व्यवसायी हैं और मां गृहिणी हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें