कहते हैं न कि इंसान की मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। कभी न कभी इसका फल जरूर मिलता है। कानपुर के लाल बंगले के तुषार जायसवाल का संघर्ष इन लाइनों पर सटीक बैठता है। तुषार 17 साल से लगातार सिविल सर्विसेज के लिए मेहनत कर रहे थे।
कई बार मेंस और इंटरव्यू तक पहुंचे भी लेकिन हर बार असफलता ही हाथ लगी। तुषार ने हार नहीं मानी और मेहनत जारी रखी। उनका चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की पीसीएस-जे 2018 में हो गया। अब वह सिविल जज बन गए हैं।