भीतरगांव(घाटमपुर)। आई लव यू पापा.... अब मैं ठीक नहीं होऊंगी। कागज पर यह लिखकर इंटर की छात्रा ने पंखे में दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा माता-पिता की इकलौती बेटी थी और अपेंडिक्स (आंतों की बीमारी) के चलते परेशान रहती थी। साढ़ थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और शव उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
भीतरगांव पुलिस चौकी क्षेत्र के रावतपुर गांव निवासी आजाद तिवारी की पुत्री प्रियांशी उर्फ खुशी (16) आंतों की बीमारी से ग्रसित थी। उसका एक आपरेशन भी हो चुका था और कई महीने से इलाज भी चल रहा था। जिससे वह बेहद दुबली और कमजोर हो गई थी। बुधवार शाम मां और दादी ऊपरी मंजिल में थीं और बाबा रमेश तिवारी घर के बाहर बैठे थे। तभी प्रियांशी ने कमरे के अंदर पंखे में दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली।
थोड़ी देर बाद जब मां जब कमरे में पहुंची तो उसे फांसी पर लटका देख उनकी चीख निकल गई। जिससे परिजन दौड़े और पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर साढ़ थानाध्यक्ष प्रभुकांत और चौकी प्रभारी राजेश बाजपेई मौके पर पहुंचे तो पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें खुशी ने लिखा है...आई लव यू पापा.....अब मैं जिंदगी से ऊब चुकी हूं। माफ करना पापा.... मेरे लिए आपने कितना संघर्ष किया है....आपकी खुशी। मृतक छात्रा के पिता आजाद कानपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं। साढ़ थानाध्यक्ष प्रभुकांत ने बताया कि परिजनों ने बीमारी से ऊबकर फांसी लगाने की बात कही है।