आरोप है मूल रकम अदा करने के बाद भी अतिरिक्त रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है। महिला ने कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। हालांकि अभी तक यह जानकारी नहीं हो सकी कि महिला ने कितनी बार शिकायतें की हैं और कितने रुपये का लेनदेन बाकी है। पुलिस ने अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
जिलाधिकारी कार्यालय में नहीं हुई सुनवाई
हलीम के अनुसार, चार महीने पहले रुखसाना ने जिलाधिकारी को एक पत्र दिया था, जिसमें उसने मदद की गुहार लगाई थी। तब उसे बाबूपुरवा पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर टरका दिया था। कार्रवाई नहीं हुई तो परेशान होकर उसने जहर निगल लिया। इस संबंध में बाबूपुरवा थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि महिला आईसीयू में भर्ती है। तहरीर मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
रुखसाना चिल्लाती रही, ‘हमको मरना है’
उर्सला में डॉक्टरों का कहना है कि वह लगातार चिल्लाती रही कि ‘हमें मरना है।’ आईसीयू प्रभारी डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि उसके पास से कीटनाशक की शीशी भी मिली है।
महिला जहर खाकर कलेक्ट्रेट परिसर आई थी। उसका मेरे कार्यालय से कोई लेनादेना नहीं है। जानकारी होते ही उसे अपनी गाड़ी से उर्सला अस्पताल भिजवाया गया। उसकी तबियत ठीक है। उधारी का मामला है। एसीएम छह को मौके पर भेजा है। बाबूपुरवा पुलिस मामला देख रही है। -विशाख जी जिलाधिकारी