कानपुर। निरालानगर स्थित पराग डेयरी प्लांट में लंबे इंतजार के बाद फिर दूध, दही और अन्य उत्पाद बनने लगेंगे। नवरात्र से प्लांट में ट्रायल शुरू होगा। कंपनी ने परिसर में साफ-सफाई का काम शुरू कराया है। प्लांट की देखरेख के लिए गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। प्लांट की जिम्मेदारी अब नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) को सौंपी गई है।
निरालानगर स्थित आधुनिक प्लांट का शिलान्यास 12 अप्रैल 2016 को हुआ था। वर्ष 2020 में करीब 166 करोड़ रुपये की लागत से प्लांट तैयार हुआ था। इसकी क्षमता प्रतिदिन दो लाख लीटर दूध और दो लाख लीटर पाउडर उत्पादन की थी। हालांकि कर्मचारियों और विभागों की करीब 26 करोड़ रुपये की देनदारी के चलते प्लांट शुरू नहीं हो सका।
प्रदेश सरकार ने 22 अगस्त 2023 को गोरखपुर, कानपुर, नोएडा, प्रयागराज, आजमगढ़ और मुरादाबाद स्थित पराग प्लांट को 10 साल की लीज पर देने का निर्णय लिया था। अक्तूबर 2023 में निजी कंपनियों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसी वर्ष जून में प्लांट की जिम्मेदारी एनडीडीबी कंपनी को हस्तांतरित की गई थी। पराग डेयरी के जीएम सुनील कुमार ने बताया कि अगले सप्ताह ट्रायल के बाद उत्पादन शुरू होने की संभावना है।