कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की खचाखच भीड़ रही। सुबह आठ बजे से दो बजे तक इलाज कराने के लिए 1505 मरीज पहुंचे। पंजीकरण कराने को लेकर धक्का-मुक्की से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। मरीज घंटों इंतजार के बाद डॉक्टर के पास पहुंच सके। इसके बाद दवा लेने के लिए भी उन्हें घंटों कतार में लगना पड़ा।
रविवार की छुट्टी के बाद अस्पताल में सोमवार सुबह से भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। पर्चा काउंटर पर मरीजों को लाइन में लगना पड़ा। सुबह 10 बजे के बाद भीड़ अधिक होने से मरीज व उनके तीमारदारों में पहले पंजीकरण कराने को लेकर धक्का-मुक्की होने लगी। वहीं, पंजीकरण की लाइन में कई लोगों में नोकझोंक भी हुई। स्वास्थ्यकर्मियों व सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह मामला शांत कराया। इसके बाद डॉक्टर के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लगना शुरू हुई। किसी ओपीडी में मरीज को आधे घंटे तो किसी को पौन घंटे तक लाइन में खड़ा होकर इंतजार करना पड़ा। तब वह डॉक्टर को दिखा सके। वहीं, दवा वितरण कक्ष के बाहर भी घंटों लाइन लगाने के बाद मरीजों को दवा मिली।
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बोले मरीज
केस-1
रनियां से आए कौशल ने बताया कि उन्हें दो दिन से तेज बुखार आ रहा है। बेटे रवि के साथ सुबह 10 बजे के करीब अस्पताल आए थे। आधे घंटे इंतजार करने के बाद उनका पर्चा बना। इसके बाद डॉक्टर दो दिखाकर दवा लेने व जांच कराने में उन्हें पूरे दो घंटे लग गए। जिससे उनको परेशानी हुई।
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केस-2
अकबरपुर के आशीष ने बताया कि उन्हें बुखार से बदन दर्द की समस्या थी। सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंचे। आधे घंटे से अधिक लाइन में लगने के बाद पर्चा बन सका। डॉक्टर के पास पहुंचे तो जांच कराने की सलाह दी। वह 12 बजे के करीब जांच कराने के लिए पैथोलॉजी पहुंचे। यहां पर उन्हें डेढ़ घंटे बाद जांच रिपोर्ट मिली। इसके बाद डॉक्टर को दिखाकर दवा ली।
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उल्टी दस्त, बुखार के रहे अधिक मरीज
बारिश के बाद संक्रामक बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं। सोमवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बदन दर्द के साथ शरीर में लाल दाने व खुजली की समस्या लेकर मरीज पहुंचे। इस तरह के करीब 600 मरीज रहे। वरिष्ठ फिजीशियन, फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में दो बजे तक भीड़ रही। फिजीशियन डॉ. प्रतीक सक्सेना ने बताया कि ज्यादातर मरीज बुखार, पेट और बदन दर्द से पीड़ित थे। उन्हें दवा और रोगों से बचाव की सलाह दी गई। वहीं बाल रोग विशेष के कक्ष में कई बच्चे डायरिया से ग्रसित होकर पहुंचे। जिन्हें भर्ती करने की सलाह दी गई। त्वचारोग विभाग में भी लोग लाइन लगाए दिखे। डॉक्टरों ने बारिश में भीगने से बचने व साफ-सफाई रखने की सलाह दी।
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पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड कक्ष में रही भीड़
डॉक्टर को दिखाने के बाद बुखार व पेट दर्द के मरीज जांच के लिए खून का नमूना देने पैथोलॉजी पहुंचे। यहां 10 बजे के बाद भीड़ अधिक हो गई। इससे कतार में लगे मरीज व उनके तीमारदारों में आपस में नोकझाेंक होती रही। स्वास्थ्य कर्मी मरीज व तीमारदारों को समझाते हुए बारी-बारी से सैंपल लेने की बात कहते रहे। इसी तरह अल्ट्रासाउंड में भीड़ रही। पंजीकरण काउंटर के पास अल्ट्रासाउंड होने के कारण भीड़ की वजह से कुछ मरीजों को पहुंचने में परेशानी भी हुई।
......................बयान...
सोमवार की वजह से भीड़ अधिक रही। सभी ओपीडी में डॉक्टर भी मौजूद रहे। पंजीकरण में किसी को परेशानी न हो इसके लिए जब तक मरीज आए पर्चे बनाए गए। सुरक्षा को लेकर कर्मी भी मुस्तैद रहे। किसी भी मरीज ने किसी तरह की कोई परेशानी नहीं बताई है। - डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस