दादानगर पुल के पास ट्रेनों के घंटों खड़े रहने से गुस्साए यात्रियों ने ट्रैक पर जमकर हंगामा किया। दिल्ली की ओर जा रही मालगाड़ी पर पथराव कर दिया। इससे मालगाड़ी के इंजन का शीशा टूट गया। यात्री ट्रैक पर लेट-बैठ गए और गाड़ी आगे नहीं बढ़ने दी। इससे एक के पीछे एक ट्रेनें खड़ी होती गईं। बाद में आरपीएफ ने पहुंच कर यात्रियों को समझाया।
कोहरे के कारण ट्रेनें आठ से दस घंटे लेट चल रही हैं। ट्रेनों की लेटलतीफी का आलम यह है कि कानपुर सेंट्रल पर श्रमशक्ति सुबह पौने ग्यारह बजे और दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी दोपहर साढ़े तीन बजे पहुंची। सुबह 10:50 बजे दादानगर पुल के पास फफूंद-कानपुर मेमू के खड़ी होने पर यात्रियों ने हंगामा कर दिया।
ट्रेन करीब सवा दो घंटे तक पुल के पास ही खड़ी रही। इससे नाराज यात्रियों ने बगल के ट्रैक से जा रही मालगाड़ी पर पथराव कर दिया। यात्रियों का कहना था कि लंबी दूरी की ट्रेनों को गुजारने के लिए कानपुर की लोकल ट्रेनों को इतनी देर तक आउटर पर रोक दिया जाता है।
ट्रैक पर दिक्कत से कई ट्रेनें लेट
शुक्लागंज गंगाघाट स्टेशन से कानपुर सेंट्रल स्टेशन के बीच जयपुरिया क्रॉसिंग के पास ट्रैक में दिक्कत आने से ट्रेनों का संचालन कुछ देर के लिए बाधित रहा। लखनऊ-झांसी इंटरसिटी, लखनऊ-आगरा इंटरसिटी इंटरसिटी, चित्रकूट एक्सप्रेस करीब एक से डेढ़ घंटे बाद सेंट्रल स्टेशन पहुंची।
जयपुरिया क्रॉसिंग के पास ट्रैक में दिक्कत आने की वजह से उन्नाव के अजगैन स्टेशन से शुक्लागंज के बीच ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर कुछ देर के लिए रोक दिया गया। इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने ट्रैक की मरम्मत की। इसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका।
पनकी से सेंट्रल ढाई घंटे में पहुंची स्वर्ण जयंती
दिल्ली से आ रही झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस ट्रेन को पनकी स्टेशन से कानपुर सेंट्रल तक पहुंचने में ढाई घंटे लग गए। ट्रेन की लेटलतीफी से परेशान यात्रियों ने सेंट्रल पर हंगामा किया। गाड़ी संख्या 12818 झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस पनकी स्टेशन पर दोपहर डेढ़ बजे पहुंची। वहां पहले ही कई ट्रेनें फंसी हुई थीं।
आखिर शाम करीब चार बजे स्वर्ण जयंती जब सेंट्रल स्टेशन पहुंची तो अजय मुंडा, आलोक नरवरिया और अनुज समेत तमाम यात्री ट्रेन के बाहर आ गए और नारेबाजी करने लगे।
हंगामा बढ़ता देख जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने पहुंच गईं। यात्रियों को शांत कराने के बाद ट्रेन को आगे रवाना कराया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस करीब ढाई घंटे में पनकी से सेंट्रल पहुंची, इससे यात्री आक्रोशित हो उठे थे।