इटावा। हावड़ा-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर बिजली लाइन का उच्चीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। अब ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए पटरियों को बदला जा रहा है। इस ट्रैक पर अभी तक 130 किमी प्रति घंटा की गति से ट्रेनें दौड़ रही हैं। नए साल से 130 की जगह 160 किमी प्रति घंटा की गति से ट्रेनें चलेंगी। यह काम गाजियाबाद से पंडित दीनदयाल उपाध्याय मुगलसराय तक पूरा होगा।
उत्तर मध्य रेलवे का क्षेत्र दिल्ली-हावड़ा रूट के अंतर्गत आता है। यह सबसे व्यस्ततम रूट है, जिस पर शताब्दी, वंदेभारत, राजधानी, दुरंतो, हमसफर जैसी प्रीमियम और लंबी दूरी की कई सुपरफास्ट व एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं। अभी इस रूट पर अधिकतम 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से ट्रेनें चल रही हैं। इस रूट पर ट्रेनों की गति बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे करनी है।
इसके लिए रेलवे की ओर से बिजली लाइन, रेलवे ट्रैक, सिंग्नल प्रणाली समेत कई काम तेजी से किए जा रहे हैं। रेलवे की ओर से गाजियाबाद से पं.दीनदयाल उपाध्याय तक अलग अलग स्टेशन क्षेत्रों में कार्य चल रहा है। इसके बनते ही ट्रैक की फिटनेस और कुछ जगहों पर सिग्नलिंग की प्रणाली को चेक किया जाएगा। रेलवे के सभी विभाग अपनी अपनी रिपोर्ट देंगे। इन रिपोर्ट का मुख्यालय के साथ ही रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। इसके बाद ट्रेनों के ट्रायल के बाद ट्रेनों को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जाएगा।
पीआरओ प्रयागराज मंडल शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि सेमी हाई स्पीड ट्रेनों के लिए गाजियाबाद से पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक रेलवे लाइन किनारे बिजली, ऑटोमेटिक सिग्नल प्रणाली सिस्टम, दीवार आदि का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है। शेष बचे कार्य कार्य को दिसंबर से पहले पूरा कर लिया जाएगा। नए साल से सेमी हाई स्पीड ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
इटावा में 50 फीसदी हुआ काम
इटावा जंक्शन पर रेलवे को उच्चीकरण व रेलवे की पटरियों का कार्य 50 फीसदी पूर्ण कर लिया गया है। वहीं, रेलवे की दीवार का कार्य अभी तक पूर्ण होना शेष रह गया है। दीवार निर्माण का कार्य पीछे से होकर आ रहा है। इस कार्य को भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।