कानपुर सेंट्रल स्टेशन से देश के तीन प्रमुख शहरों के लिए तीन ट्रेनें बहुत जल्दी शुरू हो जाएंगी। आठ शहरों के लिए ट्रेनों को चलाने की डिमांड लंबे समय से आ रही है। अब सेंट्रल स्टेशन का प्रशासन इन आठ शहरों में से तीन उन शहरों का चुनाव करेगा, जिसके सबसे ज्यादा यात्री हैं।
साथ ही उस शहर के लिए अन्य ट्रेनों के न होने या कम होने से दिक्कतों को भी देखेगा। इन शहरों को जाने वाले बसों के यात्रियों का लोड चेक कर आकलन भी करेगा।
इन आठ शहरों में से तीन का होना है चयन, अभी कानपुर से 48 ट्रेनें चलती हैं
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, पुणे, अजमेर, जयपुर, बंगलूरू और मुंबई में से किन्हीं तीन शहरों के रेलवे स्टेशनों तक कानपुर से सीधी ट्रेनें चलेंगी। सेंट्रल स्टेशन के निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यात्रियों की मांग के चलते यह निर्णय लिया गया है। इसका प्रस्ताव मंडल और जोन को भेजा जाना है। इसकी स्वीकृति मिलते ही रैक का इंतजाम कर ट्रेनों का संचालन कर दिया जाएगा। बहुत जल्द इन ट्रेनों का संचालन होगा।
अभी कानपुर से 48 ट्रेनों का संचालन होता है। ये ट्रेनें कानपुर से ही बनकर चलती हैं। इसमें कानपुर से दिल्ली जाने वाली रिवर्स शताब्दी एक्सप्रेसख् श्रमशक्ति एक्सप्रेस और हैदराबाद के शहर काचीगुड़ा भी हैं। इन तीन ट्रेनों के बढ़ने से यहां से चलने वाली 51 ट्रेनें हो जाएंगी। न्यू कोचिंग कॉम्प्लेक्स में तीसरी नई वाशिंग लाइन के बनकर तैयार हो जाने से नई ट्रेनों को चलाने की योजना तैयार हुई है। क्योंकि इसी वाशिंग लाइन में कानपुर से चलने वाली ट्रेनों की मरम्मत और धुलाई होती है।