दिसंबर के पहले सप्ताह से ही गिर रहे कोहरे ने रेलवे प्रशासन को भी हैरत में डाल दिया है। आमतौर पर 20 दिसंबर के बाद ट्रेनों को निरस्त करने की शुरू होने वाली प्रक्रिया रेलवे को अभी से शुरू करनी पड़ रही है। मंगलवार को 20 ट्रेनों को निरस्त किया गया। इतना ही नहीं पिछले छह दिन से लगातार ट्रेनें निरस्त की जा रही हैं। अफसरों का कहना है कि रेलवे इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोहरे के चलते इतनी जल्दी ट्रेनें निरस्त की गई हों। वहीं ट्रेनों के निरस्त होने और देर से आने के कारण सैकड़ों यात्रियों ने अपने टिकट भी लौटाए।
ये ट्रेनें रहीं निरस्त
20 से 25 घंटे की देरी से चल रहीं 20 ट्रेनों का मंगलवार को निरस्त किया गया है। इनमें 14124 कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी, 13240/13239 कोटा-पटना एक्सप्रेस, 12397/12398 दिल्ली-गया महाबोधी, 12393/12394 दिल्ली-सियालदाह संपूर्णक्रांति, 12179/12180 लखनऊ-आगरा इंटरसिटी, 11015 कुशीनगर, 12225 कैफियत एक्सप्रेस, 12561 स्वतंत्रता सेनानी, 14006 लिच्छवी एक्सप्रेस, 13258 जनसाधारण, 14217 ऊंचाहार एक्सप्रेस, 14864 मरुधर एक्सप्रेस, 15023 गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस, 22441 कानपुर-इलाहाबाद इंटरसिटी, 14056 ब्रह्मपुत्र मेल, 12329 संपर्क क्रांति एक्सप्रेस।
कोट
उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ विजय कुमार बोले रेलवे ने कोहरे से निपटने के लिए तैयारियां की थीं लेकिन अंदाजा नहीं था कि इतना घना कोहरा इतनी जल्दी पड़ने लगेगा। आमतौर पर कोहरे के असर को देखते हुए 20 दिसंबर के बाद ट्रेनों का संचालन तय होता है। यात्री धैर्य बनाए रखें और जरूरी सामान अपने साथ लेकर चलें। चलने से पहले ट्रेनों की लोकेशन जान लें।
कोहरे से निपटेगा त्रिनेत्र
रेलवे की डेवलपमेंट सेल ने तीन महीने पहले कोहरे से निपटने के लिए त्रिनेत्र नाम की डिवाइस बनाई है। यह डिवाइस इंजन में लगी होगी और ड्राइवर के सामने एक मॉनीटर होगा। इंजन में आगे की ओर हाई रिजोल्यूशन ऑप्टिकल वीडियो कैमरा और इंफ्रा रेड कैमरा होगा। ट्रेन में राडार आधारित मैपिंग सिस्टम होगा। इनकी मदद से ड्राइवर के मॉनीटर पर आगे की पटरियों की लोकेशन और सिग्नल स्पष्ट दिखेगा। इससे कोहरे में भी ट्रेन चलाने में आसानी होगी। मॉनीटर पर देखकर ट्रेन की गति धीमी या तेज कर सकेगा। रेलवे की ओर से इस डिवाइस को चेक कर लिया गया है। अब डिवाइस को बड़ी संख्या में बनाने और लगाने के लिए टेंडर कराने के प्रस्ताव मांगे गए हैं।