इटावा में नई दिल्ली से कानपुर जा रही उड़ीसा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के ब्रेकवान में बैठे दो चालकों और वेंडरों में मारपीट हो गई। दोनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं। वेंडरों के बयान दर्ज करने के लिए ट्रेन को 12 मिनट के लिए इटावा स्टेशन पर रोकना पड़ा।
स्टेशन अधीक्षक ने वेंडरों के बयान दर्ज कर डीआरएम कार्यालय भेजा है। चालकों के बयान भदान स्टेशन प्रशासन दर्ज करेगा। दिल्ली से कानपुर की ओर जा रही उड़ीसा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से रेलवे में ट्रेन चालक (लोको पायलट) के पद पर तैनात मुकेश कुमार और सह चालक दीपक टूंडला स्टेशन से रेलवे का कुछ सामान लेकर आ रहे थे।
उनको शिकोहाबाद के भदान रेलवे स्टेशन पर उतरना था। दोनों चालक ब्रेकवान में सवार थे। फिरोजाबाद और शिकोहाबाद के बीच वेंडर अवधेश गौड़ व रामाधार सिंह और दोनों चालकों में मारपीट हो गई। चालकों ने टूंडला में कंट्रोलर को फोन पर विवाद की सूचना दी।
भदान स्टेशन पर उतर गए। इटावा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच 12: 29 बजे पर ट्रेन को रोका गया। स्टेशन अधीक्षक पीएम मीणा ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं। वेंडरों का आरोप है कि चालकों ने चाय के पैसे मांगने पर मारपीट की। चालकों ने आरोप लगाया है कि वेंडर सीट पर बैठ रहे थे, रोकने पर मारपीट शुरू कर दी।
वेंडरों के बयान इटावा स्टेशन पर दर्ज कर लिए गए हैं। चालकों के बयान भदान स्टेशन प्रशासन दर्ज करेगा। स्टेशन अधीक्षक मीणा ने बताया कि वेंडरों के बयान डीआरएम कार्यालय भेजेंगे। 12: 41 मिनट पर ट्रेन को कानपुर की ओर रवाना कर दिया गया।