बांदा जिले में गुरुवार सुबह यहां रेलवे स्टेशन के नजदीक शंटिंग के दौरान मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। इससे रेल कर्मियों में हड़कंप मच गई। उनकी टीम ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद डिब्बों को पुन: पटरी पर चढ़ाया।
घटना लूप लाइन पर हुई। मुख्य लाइन खुली रहने से ट्रेनों के आवागमन पर कोई असर नहीं पड़ा। उधर, रेलवे ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। प्रथम दृष्टया इसमें लापरवाही मानी जा रही है।
उड़ीसा से डीएपी खाद की खेप लेकर बुधवार को ट्रेन यहां आई थी। मालगोदाम में खाद उतरने के बाद गुरुवार को सुबह ट्रेन की कुछ बोगियों की शंटिंग हो रही थी।
तभी मालगोदाम से करीब 100 मीटर दूर बजरंग इंटर कालेज रेलवे क्रासिंग के पास दो डिब्बे पटरी से उतर गए। ट्रेन चालक पवन गुप्ता ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। कुछ ही देर में दुर्घटना यान और रेल कर्मियों की टीम आ गई। उधर, जांच-पड़ताल में सामने आया कि दुर्घटना के पीछे लापरवाही है।
स्टेशन अधीक्षक केएस कुशवाहा ने बताया कि रेलवे लाइन के विद्युतीकरण के दौरान कर्मचारियों ने पुराने विद्युत पोल पटरियों के पास रख दिए थे। इनमें से एक पोल मालगाड़ी की बोगी की टूटी राड में फंस जाने से पटरी पर आ गया। इससे दो डिब्बे पटरी से उतर गए। उन्होंने बताया कि घटना की जांच यातायात निरीक्षक (रेलवे) पीके सिंह व केके वर्मा को सौंपी गई है।