ट्रेन-18 में सीटों को लेकर भी मारामारी ज्यादा
यात्रियों की ट्रेन-18 में सफर करने की डिमांड की वजह से भी इस ट्रेन में सीटों को लेकर ज्यादा मारामारी होती है। चार अक्तूबर को लखनऊ से नई दिल्ली वाया कानपुर होकर चली तेजस एक्सप्रेस 31 अक्तूबर तक 7.73 लाख रुपये मुनाफा कमा सकी। तेजस ने 447.04 लाख रुपये की आमदनी की और संचालन में 439.31 लाख रुपये खर्च हुए।
इस दौरान के सफर में सीटें भी 62 फीसदी भरीं। वहीं, ट्रेन-18 में सीटों के रिजर्व होने का औसत प्रतिशत 80 से 100 फीसदी है। वंदे भारत की मासिक कमाई 70 से 80 लाख रुपये है। इस ट्रेन को बनाने में 100 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जो एक साल के संचालन पर ही निकल आएंगे।
तेजस एक्सप्रेस के संचालन से आईआरसीटीसी पूरी तरह संतुष्ट है। सहालग के सीजन में अच्छी डिमांड है। त्योहारों में इस ट्रेन में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए थे। धीरे-धीरे तेजस एक्सप्रेस मुनाफे में नए आयाम गढ़ेगी। - अश्विनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी