नरवल क्षेत्र में बीते दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में आफत खड़ी कर दी है। शुक्रवार और शनिवार की बारिश से पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया है। जलभराव के चलते लोग घरों से निकल तक नहीं पा रहे हैं। कच्चे मकान गिरने की कगार पर हैं और कई जगह दीवारें भरभराकर गिर रही हैं, जिससे जनहानि का खतरा मंडरा रहा है।
पुरवामीर गांव में पुत्तन रावत का पूरा कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। इस मकान में तीन भाइयों का परिवार रहता है - सबसे बड़े पुत्तन रावत (70 वर्ष), राजन रावत (44 वर्ष) और भाई अशोक रावत। साथ में अविवाहित बहन विभा रावत भी रहती हैं। पूरा मकान जर्जर था, तीन तरफ की दीवारें पहले से ही कमजोर थीं।
बारिश से गिरा मकान
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के वक्त ग्रामीणों ने मुश्किल से परिवार को बाहर निकाला, लेकिन गृहस्थी का सारा सामान मलबे में दबा हुआ है। इसी तरह सिकटिया गांव में हरिश्चंद्र पासवान के घर की दीवार गिर गई, जिसमें परिवार बाल-बाल बच गया। कई घरों में पानी घुसने से लोग पड़ोसियों के यहां शरण लिए हुए हैं।
जलमग्न हुआ गांव
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मौसम विभाग के अलर्ट के बाद ग्रामीणों में दहशत है। अगर रात में तेज बारिश हुई तो जनहानि हो सकती है। राजस्व विभाग ने अपील की है कि कच्चे मकानों में रहने वाले लोग सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। यदि जलभराव की स्थिति दिखे तो तत्काल सुरक्षित जगह पर बसेरा बनाएं।