अपनी बैंक की पास मांगी तो एक युवक के साथ ऐसी बर्बरता की गई जिसे देखकर मानवता भी शर्मसार हो जाए।
बांदा जिले की कोतवाली क्षेत्र के मरदनपुर इलाका चौकी के एक 37 वर्षीय युवक को तीन लोग बेड़ियों में जकड़कर कानपुर के कस्बा भीतरगांव में ले आएं हैं। जंजीरों में जकड़ा यह युवक मदद की गुहार लगाता रहा लेकिन वहां मौजूद लोगों में से कोई भी उसकी मदद को आगे नहीं आया।
आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस युवक के साथ ऐसा बर्बरतापूर्ण व्यवहार करने वाला खुद उसका सगा भाई है। एक मां की कोख से जन्मे भाईयों के बीच ऐसा क्या हुआ जो भाई ने ही अपने भाई को इस तरीके से बेड़ियों में जकड़ना जरूरी समझा।
दरअसल, जिस भाई ने अपने ही भाई को बेड़ियों में जकड़ा है उसका कहना है कि उसका भाई पागल है। हालांकि जब अमर उजाला के पत्रकार ने बेड़ियों में जकड़े व्यक्ति से बातचीत की तो उसने सारी बातों के सही-सही जवाब दिए। उसने अपने भाई से बैंक की पासबुक मांगी थी। बैंक पासबुक सौंपने की बजाय भाई ने पागल घोषित करना चाहा। इस व्यक्ति ने बताया उसका भाई गलत नियत से ऐसा कर रहा है।
भीतरगांव कस्बे के बाहर एक मंदिर में यह घटना एक तमाशे की तरह चलती रही और लोग तमाशबीन बने देखते रहे। बेड़ी से बंधा युवक वहां मौजूद लोगों से बार बार निवेदन करता रहा कि हम भी इन्सान है हमे खोलवा दीजिये हमारे साथ कोई घटना घट सकती है। हम ठीक है। बार बार भीङ से गुजारिश करता रहा है। हालांकि युवक का नाम पता नहीं चल पाया है।
साथ मे मौजूद लोग कुछ स्पष्ट नही बता पा रहे हैं। फिलहाल, शिकंजे में जकड़े युवक ने बताया कि हमे सोते समय दबा कर बांधा गया है। तीन दिन से बांधे हैं। साथ मे आये तीन लोगो मे एक सगा भाई एक साला व तीसरा ससुर है।
पासबुक नहीं दे रहे और पागल बता कर बांध दिया
राजू प्रजापति ने बताया कि हमारी शादी 2012 में हुई थी पत्नी सुनीता बेटी प्रिंसी व बेटा नूतन है। पहले बाहर मकैनिक का काम करते थे। इस समय बांदा मे पेंटिग का काम करते है। हमारी चार पासबुक भाई लोग नही दे रहे हैं। तीन दिन पहले सोते समय जंजीर से बांध दिया और कहते कहते रोने लगा। जब पासबुक मांगता हूँ तब पागल कहते है। बताया कि हमे छल से यहा लाया गया है। भाई के साथ होने के चलते मै यहाँ चला आया हमे पत्नी और बच्चों से नही मिला रहे है। कथित भाई कमलेश ने बताया कि शैतानी करते थे तो बाँध दिया संत बाबूखाँ की समाधी मे पूजा कराने लाया था ।