कानपुर देहात। सोमवार की रात 12 बजे से बारा टोल प्लाजा की सभी लेन फास्टैग कर दी गई। मंगलवार को दिनभर टोल कर्मियों और वाहन स्वामियों के बीच नोकझोंक होती रही। इस कारण टोल पर लंबा जाम लगा रहा। टोल कर्मियों ने करीब 20 घंटे में 433 बिना फास्टैग लगे वाहनों से करीब 56 हजार रुपये दो गुना टोल वसूल किया। वहीं, टोल पर लगाए गए 12 काउंटरों से 837 लोगों ने फास्टैग बनवाए।
बारा स्थित टोल प्लाजा को सोमवार की रात से पूरी तरह से फास्टैग कर दिया गया है। रात में टोल पर स्थिति सामान्य रही। मंगलवार सुबह टोल पर वाहनों का जाम और कतारे लगने लगी। सुरक्षा कर्मी से लेकर टोल कर्मियों ने मोर्चा संभाला। पूरे दिन कई बार टोल कर्मियों व वाहन स्वामियों के बीच नोकझोंक होती रही। कई बूथों पर जाम भी लगा। जिससे लोग परेशान हुए।
मंगलवार शाम तक 433 बिना फास्टैग लगे वाहनों से दो गुना टोल वसूला गया। वहीं ओवरलोड ट्रक निकलने के दौरान बूम फंस गया। काफी देर बूथ से आवागमन बाधित रहा। बाद में कर्मियों ने ट्रक में फंसे बूम को निकाल दिया। बिना टैग लगे वाहनों के तत्काल फास्टैग बनाए गए। पूरे दिन टोल पर प्राइवेट सुरक्षा कर्मी सहित पुलिस बल तैनात रहा।
एक लेन बंद होने से रही दिक्कत
कानपुर देहात। फास्टैग सिस्टम लागू होने के बाद मंगलवार को दस नंबर लेन पर पूरे दिन काम होता रहा। इससे लेन पर आवागमन ठप रहा। टोल अफसरों का कहना है कि ओवरलोड वाहन निकलने के दौरान दिक्कत आ गई थी। कानपुर से आने वाली एंबुलेंस लेन में सपा नेताओं का काफिला जबरन घुस गया। समझने पर वह झगड़े पर आमादा हो गए। हालांकि बाद उन्हें निकाल दिया गया। इस दौरान आधा घंटा लेन बाधित रही।
अफसरों के ही वाहनों में नहीं फास्टैग
कानपुर देहात। टोल प्रबंधन की ओर से वाहन स्वामियों को फास्टैग के लिए लगातार जागरू किया जा रहा है। जिले में 650 पुलिस वाहन, 275 एंबुलेंस, 10 फायर, छह बस सहित 350 अफसरों के वाहन में ही फास्टैग नहीं लगे हैं। टोल बूथ पर पहुंचकर समस्या को बढ़ा देते हैं। टोल प्रबंधन की माने तो अफसर जल्दी के चक्कर में एंबुलेंस लेन से जबरन निकलते हैं। टोल पर समस्याएं बढ़ जाती हैं। कई बार विभाग के अफसरों को फास्टैग बनवाने के लिए कहा गया, लेकिन अभी तक इन लोगों ने टैग नहीं बनवाया है।
फास्टैग रिचार्ज न होने से लगता जाम
कानपुर देहात। बारा स्थित टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम लागू कर दिया गया है। दावा किया गया कि इसके बाद टोल पर जाम से निजात मिलेगी, लेकिन फास्टैग सिस्टम लागू होने के बाद जाम की समस्या और बढ़ गई है। अफसरों का कहना है कि वाहन स्वामी फास्टैग को रिचार्ज नहीं करते हैं और टोल बूथ पर पहुंच कर कर्मियों से बहस करने लगते हैं। जिससे जाम की समस्या बढ़ जाती है। वाहन स्वामी टोल से निकलने से पहले फास्टैग खाते को जरूर जांच लें। जिससे वहां अन्य लोगों को दिक्कत न हो।
फास्टैग के बाद भी नहीं खत्म हो रही समस्याएं
बारा टोल से निकल रहे अकबरपुर के अनिल गुप्ता ने बताया कि कार में फास्टैग लगे होने के बाद भी जाम से जूझना पड़ा। औरैया के सौरभ दीक्षित ने बताया कि कार में फास्टैग नहीं था। बनवाने के लिए काउंटर पर पहुंचे तो वहां भीड़ होने के कारण काफी समय लगा। औरैया से लखनऊ जा रहे परवेश कुमार ने बताया कि जाम में फंसे रहने के बाद बूथ पर पहुंचे तो उनसे फास्टैग न होने पर दो गुना टैक्स वसूला गया। उनका कहना है कि बूथ पर पहुंचने से पहले कर्मी जानकारी दें तो समस्या कम हो सकती है। अकबरपुर के अविनाश गुप्ता बीमार मां को लेकर इलाज के लिए कानपुर जा रहे थे। अन्य लेन पर जाम होने पर उन्होंने एंबुलेंस लेन में घुसने का प्रयास किया तो सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया। इलाज संबंधी सभी कागज दिखाए। बाद में टोल अफसरों के हस्तक्षेप पर वाहन जाने दिया गया। जिससे काफी परेशान होना पड़ा।