रूरा। सहकारी समितियों पर खाद लेने के लिए किसानों को टोकन के झमेले से जूझना पड़ रहा है। कहीं टोकन लेने के लिए किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है तो कहीं समितियों में ताले लटकने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं, खाद की जरूरत पूरी करने के लिए किसानों से निजी दुकानों में मनमानी पैसे वसूले जा रहे हैं।
क्षेत्र में खाद की किल्लत के बीच किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मौजूदा समय में आलू, लाही व फूलगोभी, मटर व चना आदि की बोआई की जानी है। इसके लिए डीएपी (खाद) की जरूरत है। शुक्रवार को नगर की सहकारी समिति में खाद वितरण की जानकारी पर क्षेत्र के सराय, इंजुआरामपुर, तिगाई, हसनापुर, गढ़ेवा, भटौली, गैजुमऊ, पुत्तीपुरवा, जगदीशपुर सहित अन्य गांवों से किसान पहुंचे। अंदाया गांव निवासी किसान अशोक कुमार ने बताया कि एक सप्ताह पहले खाद में लिए किसान आईडी व आधार कार्ड जमा किया था। आज तक नंबर नहीं आ पाया है।
इसी तरह लक्ष्मणपुर गांव निवासी किसान विनय प्रताप सिंह व गुटैहा गांव निवासी किसान रामप्रकाश ने बताया कि 15 दिनों पहले नगर की सरकारी समिति में कागजात जमा किए थे। अभी तक उनका नंबर नहीं आया है। किसानों का आरोप है कि सरसों व आलू की बोआई के लिए खेत तैयार पड़े हैं लेकिन खाद न मिलने से बोआई में विकल्प हो रहा है। मजबूरी में समिति के रेटों से चार से 500 रुपये अधिक देकर निजी दुकानों में खाद लेकर बोआई कर रहे हैं।
रूरा समिति के सचिव शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि टोकन देकर खाद का वितरण उनके द्वारा किया जा रहा है। शुक्रवार को करीब 70 किसानों में दो सौ बोरी खाद का वितरण किया गया है। गहलौं गांव स्थित अरिमल न्यायी समिति में ताला लटकता है। ऑपरेटर हेमू ने बताया कि समिति में खाद है। जल्द खाद का वितरण किया जाएगा। समिति सचिव पंकज शुक्ला ने बताया कि दो जगह का अतिरिक्त चार्ज है। रोस्टर के अनुसार खाद बांटी जाएगी।
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बयान.....
सचिवों की संख्या कम है। मौजूदा समय में 86 समितियां सक्रिय हैं। जरूरत के अनुसार डीएपी व एनपीके उर्वरक उपलब्ध है। कुछ समितियों में कंप्यूटर ऑपरेटर भी रखे गए हैं। इनकी गारंटी आदि की प्रक्रिया की जा रही है। इसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटर के जरिये भी खाद का वितरण कराया जाएगा। इससे सहूलियत होगी। - आशीष मेहता, अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक सहकारिता