कानपुर में 20 दिन पहले प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास दिलाने के नाम पर वसूली करने के ऑडियो की जांच में अधिकारियों ने लीपापोती कर दी है। एक तरफ सचिव को दोषी बताया तो दूसरी तरफ प्रधान, सचिव और लाभार्थी के बयान के आधार पर मैटेरियल के पैसे लेने की बात का जिक्र कर जांच रिपोर्ट को सचिव के पक्ष में तैयार कर दी।
रिपोर्ट सीडीओ दीक्षा जैन ने देखी, तो उन्होंने खारिज कर दी। अब इस मामले की दोबारा जांच कर रिपोर्ट देने की बात कही है। बिल्हौर के पुरा गांव की लाभार्थी राजरानी से 15 हजार रुपये प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर ग्राम विकास अधिकारी का वसूली का ऑडियो वायरल हुआ था। महिला पांच हजार पहले और 10 हजार बाद में देने की बात कहती है।
सचिव के पक्ष में ही रिपोर्ट तैयार कर दी
ऑडियो में सचिव साफ-साफ लाभार्थी से पैसे मांगने की बात करता है, लेकिन बिल्हौर बीडीओ ने मामले की जांच की तो सचिव के पक्ष में ही रिपोर्ट तैयार कर दी। बीडीओ की रिपोर्ट जब सीडीओ को सौंपी गई, तो उन्होंने रिपोर्ट में कुछ स्पष्ट न होने का जिक्र किया। उन्होंने मामले की सही तरह जांच रिपोर्ट दोबारा तैयार करने को कहा है।