प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार बुंदेलखंड के विकास के लिए कोर कसर न छोड़ने के वादे करती नजर आती है। इन सभी वादों के बावजूद न तो बुंदेलखंड़ के हालात सुधरे हैं और न ही सरकार की नीतियां। बड़ा उदाहरण अमर उजाला डॉटकॉम अपनी इस रिपोर्ट में पेश कर रहा है...
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डेमो
केंद्र की भाजपा सरकार ने राज्य सरकार को नेशनल हेल्थ मिशन के तहत आठ करोड़ पचास लाख रुपया आवंटित किया था । राज्य सरकार पांच करोड़ चौबिस लाख रुपये दबाए बैठी है।
बुंदेलखंड में अन्य योजनाओं के लिए भले ही बजट का टोटा हो पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) का 5 अरब 24 करोड़ रुपये बुंदेलखंड में संबंधित विभाग दबाए बैठे हैं। कुल 8 अरब 50 करोड़ रुपया मिला था। सिर्फ 3 अरब 2 करोड़ 51 लाख रुपया खर्च हुआ है।
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इसी तरह अनटाइड फंड का भी 19 करोड़ 56 लाख रुपया बुंदेलखंड में अब तक खर्च नहीं किया जा सका है। इस फंड के 2 अरब 71 करोड़ 60 लाख रुपये में सिर्फ 7 करोड़ 59 लाख 80 हजार रुपये खर्च हुए हैं। इस तरह दोनों योजनाओं का 11 अरब 21 करोड़ 60 लाख रुपये अब तक खर्च नहीं हो पाया है। जबकि वित्तीय वर्ष के 8 माह बीत गए हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन के तहत वर्ष 2017 के लिए बुंदेलखंड के सातों जिलों को कुल 85 करोड़ 38 लाख रुपया दिया गया था। बीते माह जुलाई तक की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें से सिर्फ 32 करोड़ 51 लाख 28 हजार रुपये (41.52 प्रतिशत) खर्च हो पाए हैं। 52 करोड़ 49 लाख 13 हजार रुपये संबंधित विभागों के खजाने की शोभा बढ़ा रहे हैं। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के पास इस फंड का 39 करोड़ 25 लाख 84 हजार रुपया उपलब्ध था। इसमें सिर्फ 14 करोड़ 85 लाख 3 हजार (38 प्रतिशत) खर्च हो पाया है। 24 करोड़ 40 लाख 81 हजार अभी खर्च नहीं हुआ।
इसी तरह गांवों में स्वास्थ्य संबंधी बेहतरी के कामों के लिए अनटाइड फंड दिया गया है। बुंदेलखंड में इसे भी खर्च करने में कंजूसी बरती जा रही है। सातों जिलों में वर्ष 2017 में इस फंड का कुल 27 करोड़ 16 लाख 92 हजार रुपया उपलब्ध था। इसमें बीते माह 31 जुलाई तक सिर्फ 7 करोड़ 59 लाख 80 हजार (28 प्रतिशत) रुपया खर्च हुआ है। 19 करोड़ 56 लाख 79 हजार रुपया नहीं खर्च किया जा सका। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में अनटाइड फंड का 10 करोड़ एक लाख 64 हजार रुपया इस वर्ष उपलब्ध था। इसमें सिर्फ 3 करोड़ 62 लाख 91 हजार रुपया (36 प्रतिशत) ही खर्च हो पाया है। 6 करोड़ 39 लाख रुपया विभागों के पास डंप है।
एनएचएम में चित्रकूट, अनटाइड में बांदा अव्वल
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) का बजट खर्च करने में चित्रकूट जनपद अव्वल रहा। यहां कुल आवंटित बजट का 50.40 प्रतिशत खर्च हो गया। दूसरे नंबर पर जालौन में 49 प्रतिशत, तीसरे नंबर पर हमीरपुर 41.84 प्रतिशत, चौथे नंबर पर ललितपुर 41.68 प्रतिशत, पांचवें नंबर पर महोबा 40 प्रतिशत, छठे नंबर पर बांदा 36.70 प्रतिशत और सातवें नंबर पर झांसी 29.54 प्रतिशत खर्च कर सका।
इसी तरह अनटाइड फंड में बांदा जनपद अव्वल रहा। यहां बुंदेलखंड में सर्वाधिक 52.76 प्रतिशत बजट खर्च हुआ। दूसरे नंबर पर जालौन 43.58 प्रतिशत, तीसरे नंबर पर चित्रकूट 41.29 प्रतिशत, चौथे नंबर पर महोबा 34.94 प्रतिशत, पांचवें नंबर पर झांसी 16.61 प्रतिशत, छठवें नंबर पर ललितपुर 15.95 प्रतिशत और सातवें नंबर पर हमीरपुर 7.68 प्रतिशत खर्च कर पाया।
नेशनल हेल्थ मिशन में बुंदेलखंड के जिलों को मिला बजट, खर्च और शेष राशि (लाख रुपये में)-
जनपद बजट खर्च अवशेष
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बांदा 1433.83 526.25 907.58
चित्रकूट 970.15 319.59 650.56
हमीरपुर 815.59 357.54 458.06
महोबा 706.27 281.65 424.62
जालौन 1361.01 666.38 694.64
झांसी 1993.16 588.82 1404.34
ललितपुर 1220.37 511.05 709.33
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योग 8500.38 3251.28 5249.13
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अनटाइड फंड में बुंदेलखंड को मिला बजट और खर्च (लाख रुपये में)-
जनपद बजट खर्च अवशेष
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बांदा 243.11 128.27 114.84
चित्रकूट 360.09 148.68 211.41
हमीरपुर 194.34 14.92 179.42
महोबा 203.29 71.04 132.26
जालौन 424.89 185.16 239.73
झांसी 892.69 148.28 744.61
ललितपुर 397.70 63.45 334.25
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योग 2716.92 759.08 1956.79
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-8 माह में सिर्फ 37 फीसदी खर्च हो पाया बजट
-एनएचएम का साढ़े 52 करोड़ और अनटाइड का साढ़े 19 करोड़ डंप
-गांवों में स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं के लिए मिला है बजट