ऋणदाता से लेनी होगी एनओसी
सिबिल स्टेटस अपडेट नहीं होने पर उसे ऋणदाता से यह एनओसी लेनी होगी, जिसमें जिक्र होगा कि उम्मीदवार के पास कोई शेष भुगतान नहीं बचा है या समय पर ईएमआई का भुगतान किया जा रहा है। ऐसा न होने पर उसका ऑफर लेटर वापस ले लिया जाएगा या नियुक्ति निरस्त कर दी जाएगी।
बैंक संगठन विरोध में
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता ने बताया कि पहले कुछ ऐसे मामले थे, जिसमें अभ्यर्थियों पर क्रेडिट कार्ड या वस्तुओं की खरीद से जुड़े लोन चल रहे थे और वे डिफॉल्टर हो गए थे। वी बैंकर्स एसोसिएशन के महामंत्री आशीष मिश्रा ने बताया कि यह व्यवस्था सही नही है। इसे वापस लिया जाना चाहिए।
लोन की किस्त समय पर जमा करने पर बढ़ता है सिबिल
सिबिल स्कोर क्रेडिट लेनदेन पर आधारित होता है। क्रेडिट इनफॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया लिमिटेड यह रिपोर्ट जारी करती है। बैंक से लोन लेने के लिए सिबिल की आवश्यकता सबसे जरूरी है। इसके लिए कम से कम 650 स्कोर जरूरी होता है। सिबिल का डाटा लिए गए लोन की किस्तों के समय से जमा करने पर बढ़ता है।
लोन में डिफॉल्ट होने पर कम हो जाता है सिबिल स्कोर
किस्त समय से न जमा होने पर या किसी लोन में डिफॉल्ट होने पर कम हो जाता है। सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। जिसमें 750 स्कोर को आदर्श स्कोर माना जाता है। 500 से 579 के स्कोर को बहुत खराब, 580-619 के बीच स्कोर को खराब, 620 -659 को ठीक, 660-669 के बीच स्कोर को अच्छा, 700-759 के स्कोर को बहुत अच्छा माना जाता है। 760 से 850 के स्कोर को सर्वोत्तम माना जाता है।