रसूलाबाद। एक अच्छे शिक्षक को विषय वस्तु का ज्ञान, प्रभावी संचार कौशल और छात्रों के प्रति समर्पित होना चाहिए। ये बातें मां वैष्णो देवी डिग्री कॉलेज में चल रहे शिक्षकों के प्रशिक्षण के चौथे दिन बुधवार को कुशल शिक्षक की विशेषताओं को बताते हुए संदर्भ दाता हिमांशु गुप्ता ने शिक्षकों से कही। उन्होंने कहा कि एक अच्छे शिक्षक के रूप में कार्य करने के लिए आपको अपने अंदर धैर्य से सुनने, व्यक्तित्व विकास करने, विषय वस्तु पर पकड़, समय प्रबंधन और तकनीकी रूप से सक्षम होना पड़ेगा।
उन्होंने शिक्षा को बेहतर बनाने पर जोर दिया। कहा कि बच्चों को जितना अभ्यास कर पढ़ाया जाएगा उन्हें उतनी ज्यादा समझ होगी। संदर्भदाता मुकेश दिवाकर ने आकलन पर चर्चा करते हुए कहा कि कक्षा शिक्षण के बाद किए गए आकलन में अपेक्षित परिणाम न मिलने पर शिक्षकों को अपनी विधियों, गतिविधियों, और पढ़ाने के तरीकों में परिवर्तन करना आवश्यक हो जाता है। आकलन के परिणाम बच्चों के मूल्यांकन के साथ-साथ शिक्षक द्वारा अपनाए जा रहे तरीकों का भी मूल्यांकन है।
संदर्भदाता दिनेश कुमार ने अंग्रेजी भाषा की एनसीआरटी आधारित वर्तमान सत्र से कक्षा तीन में पढ़ाई जाने वाली संतूर से परिचित कराया। कहा कि बच्चों को रचनात्मक तरीके से शिक्षक पढ़ाएं, जिससे बच्चों में समझने के कौशल का विकास हो। प्रशिक्षण में शालिनी कटियार, सर्वेश कुमार, अनामिका शर्मा, मुहम्मद इरफान, सौमिल, गौरव त्रिपाठी, अनुराग पांडेय, रवीना सचान, भानु प्रताप, लक्ष्मी तिवारी आदि शिक्षक रहे।