चित्रकूट के दुधमनिया के जंगल में 12 मई की रात बाघ का शिकार किया गया था। इस मामले में पुलिस की मदद से 3 आरोपी शिकारी वन विभाग के हत्थे चढ़े थे। मौका मिलते ही सभी आरोपी वन विभाग की खिड़की तोड़कर फरार हो गए हैं। आरोपियों के फरार होने की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया।
बताते चलें कि आरोपी अमिरती गांव के रंजन कोल, राजेश मवासी और ज्वाला सतनामी को वन विभाग ने रिमांड में लिया था। 12 मई को दुधमनिया के जंगल में शिकारियों ने तालाब किनारे करंट का जाल बिछाया था। देर रात बाघ शरभंगा आश्रम के पास फारेस्ट नर्सरी में बनी तलैया में पानी पीने पहुंचा तो करंट की चपेट में आ गया। जिससे बाघ की मौत हो गई थी।