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फर्रुखाबाद: कटरी में 20 दिन से घूम रहा बाघ, शाम ढलते ही घरों में दुबक जाते हैं ग्रामीण

Sun, 06 Dec 2020 07:19 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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सांकेतिक तस्वीर
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फर्रुखाबाद जिले में अमृतपुर के कटरी क्षेत्र में पिछले 20 दिन से बाघ घूम रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शाम ढलते ही ग्रामीण घरों में दुबक जाते हैं। नाइट विजन कैमरे में बाघ की तीसरी तस्वीर रविवार को कैद हो चुकी है लेकिन वन विभाग के कर्मचारी तमाम कवायद के बाद भी उसे पकड़ नहीं सके हैं।
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तहसील क्षेत्र की कटरी में बाघ आतंक मचाए है। पालतू जानवर व नीलगायों को शिकार बना चुका है। ग्रामीण जब अपने खेत में खड़ी फसलें देखने जाते हैं तो वहां बाघ के पंजों के निशान देखकर भयभीत हो जाते हैं। इससे अब टोली बनाकर जा रहे हैं। वहीं शाम होते ही घरों में पहुंच जाते हैं।

दूसरी ओर वन विभाग के कर्मचारी ड्रोन कैमरे के बाद अब नाइट विजन कैमरों से निगरानी कर रहे हैं। रविवार को तीसरे दिन भी बाघ की तस्वीर कैद हुई। फुटेज के अनुसार बाघ की लोकेशन गांव उदयपुर कंचनपुर के पास मिली। रात में उदयपुर जाने वाले मार्ग से एक व्यक्ति पैदल निकलता दिखाई दे रहा है।
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कुछ देर बाद ही बाघ भी उसी मार्ग से गुजरता दिखाई दिया। शनिवार को पहुंची वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया की टीम व रैपिड रिस्पांस यूनिट (दुधवा टाइगर रिजर्व) ने भी रविवार को बाघ की निगरानी का काम शुरू कर दिया है।
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टाइगर स्पेशलिस्ट अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षण अधिकारी कमलेश गुप्ता ने गांव उदयपुर कंचनपुर में पहुंचकर कानपुर के डॉ.आरके सिंह, दुधवा नेशनल पार्क के डॉ.दयाशंकर, डीएफओ पीके उपाध्याय, क्षेत्रीय वन अधिकारी उदयप्रताप सिंह से जानकारी की।

इसके बाद उन्होंने टीम के साथ कटरी में जाकर कांबिंग की और खेतों में मिले बाघ के पंजों से उसकी लोकेशन का अनुमान लगाया। उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी व्यक्ति शाम ढलने के बाद घर से न निकले। खुले में शौच करने वालों पर ही बाघ पहले हमला करता है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बाघ को पकड़ने के लिए विशेषज्ञ टीमें लगा दी गई हैं। शीघ्र ही उसे पकड़ा जाएगा।

कांबिंग को पहुंचा स्पेशल ट्रैक्टर
दुधवा नेशनल पार्क के डॉ.आरके सिंह ने बताया कि जाली वाला स्पेशल ट्रैक्टर कांबिंग को मंगाया गया है। इस पर डॉक्टरों की टीम बैठकर कांबिंग करेगी। बाघ दिखते ही उसे गोली मारकर बेहोश करने के बाद पकड़ लिया जाएगा। इस गोली से बाघ मरेगा नहीं।

हथियारों से लैस होकर किसान काट रहे गन्ना
गन्ने के खेतों में बाघ के छिपने की आशंका रहती है। इससे भयभीत किसान गन्ना काटने के दौरान असलहे भी साथ ले जा रहे हैं। इससे वह बाघ के हमला करने पर अपनी जान बचा सकें।
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