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कानपुर: एटीएम हैक कर करोड़ों रुपये निकालने वाले तीन शातिर गिरफ्तार, गैंग में 10 हजार लोग शामिल

Thu, 08 Oct 2020 11:03 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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तीन शातिर गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में एटीएम में डिवाइस लगाकर अब तक करोड़ों रुपये पार करने वाले तीन शातिरों को नौबस्ता पुलिस ने धर दबोचा। आरोपी पिछले साल दिसंबर में रुपये निकालते वक्त एक एटीएम बूथ में लगे कैमरे में कैद हो गए थे। इसी आधार पर इन्हें पकड़ा गया।
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शातिर प्रदेश ही नहीं आसपास के राज्यों के भी कई शहरों के एटीएम खंगाल चुके हैं। इनके पास से 65 हजार रुपये, दो चिमटानुमा डिवाइस, एक क्लोनिंग डिवाइस, लैपटॉप, मोबाइल व कार बरामद की गई है। एसपी साउथ ने प्रेसवार्ता कर बताया कि आईडीबीआई बैंक की बसंत नगर शाखा के मैनेजर ने 17 दिसंबर को एटीएम से 9500 रुपये चोरी होने की नौबस्ता में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पुलिस ने जब एटीएम में लगे फुटेज खंगाले तो एक शख्स एटीएम में डिवाइस लगाते नजर आया। इसके बाद से पुलिस गिरोह की तलाश में थी। बुधवार देर रात मुखबिर की सूचना पर नौबस्ता चौराहे से पुलिस ने करमचंदपुर प्रतापगढ़ निवासी जितेंद्र उर्फ धीरू, बजरंग बहादुर सिंह उर्फ सावन सिंह और हरिहर रामपुर प्रतापगढ़ निवासी मुजीबुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। डीआईजी ने बताया कि सभी आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसे लगा रहे थे चूना
आरोपी ऐसे एटीएम बूथ को चुनते थे, जिनमें गार्ड न हों। एनसीआर कंपनी के एटीएम खासतौर पर इनके निशाने पर होते थे। इस कंपनी के एटीएम अभी भी पुरानी तकनीक के हैं। आरोपी एटीएम से पांच सौ रुपये निकालने के लिए प्रक्रिया पूरी करते हैं। जैसे ही पैसा आता है, ये शटर को रोक लेते हैं और उसमें डिवाइस लगा देते हैं।
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इसके बाद डिवाइस सेंसर और रुपये ऊपर लाने वाले कैसेट के बीच का कम्यूनिकेशन तोड़ देती है। इसके बाद एटीएम से रुपये निकालने की दोबारा प्रक्रिया अपनाते हैं। पैसा ऊपर आते ही निकाल लेते हैं लेकिन सेंसर से कैसेट का कम्यूनिकेशन न होने के कारण ट्रांजेक्शन फेल दिखाता है। इससे ये लोग पैसे निकाल तो लेते हैं लेकिन इनके खाते से बैलेंस नहीं कटता। एसपी साउथ ने बताया कि सेंसर ब्लॉकर डिवाइस एक दूसरे राज्य में बनाई जा रही है। आरोपी वहीं से 30 हजार रुपये में खरीदकर लाए हैं।

एक साल में पांच करोड़ निकाले
आरोपियों ने बताया कि एक साल में करीब पांच करोड़ रुपये निकाले हैं। इन रुपयों से ऐशोआराम की चीजों के साथ महंगे कपड़े और नई-नई गाड़ियां खरीदते हैं। एसपी साउथ ने बताया कि गैंग में करीब 10 हजार लोग शामिल हैं। जो पूरे देश में फैले हैं। आरोपी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं लेकिन साफ्टवेयर संबंधित सारी जानकारियां हैं। 

एटीएम कार्ड फ्रॉड में जा चुके हैं जेल
जितेंद्र उर्फ धीरू वर्ष 2017 में एटीएम फ्रॉड के मामले में प्रयागराज के फूलपुर व वर्ष 2018 में सराय इनायत थाने से जेल जा चुका है। शहर में कल्याणपुर, अर्मापुर और नौबस्ता में भी मामले दर्ज हैं। बजरंग वर्ष 2015 और 2020 के बीच मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ से एटीएम फ्रॉड के मामले में जेल जा चुका है। कल्याणपुर, अर्मापुर, नौबस्ता में भी मामले दर्ज हैं। मुजीबुद्दीन के खिलाफ नौबस्ता और प्रतापगढ़ में चोरी और आर्म्स एक्ट में मामले दर्ज हैं।
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