कानपुर में एटीएम में डिवाइस लगाकर अब तक करोड़ों रुपये पार करने वाले तीन शातिरों को नौबस्ता पुलिस ने धर दबोचा। आरोपी पिछले साल दिसंबर में रुपये निकालते वक्त एक एटीएम बूथ में लगे कैमरे में कैद हो गए थे। इसी आधार पर इन्हें पकड़ा गया।
शातिर प्रदेश ही नहीं आसपास के राज्यों के भी कई शहरों के एटीएम खंगाल चुके हैं। इनके पास से 65 हजार रुपये, दो चिमटानुमा डिवाइस, एक क्लोनिंग डिवाइस, लैपटॉप, मोबाइल व कार बरामद की गई है। एसपी साउथ ने प्रेसवार्ता कर बताया कि आईडीबीआई बैंक की बसंत नगर शाखा के मैनेजर ने 17 दिसंबर को एटीएम से 9500 रुपये चोरी होने की नौबस्ता में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने जब एटीएम में लगे फुटेज खंगाले तो एक शख्स एटीएम में डिवाइस लगाते नजर आया। इसके बाद से पुलिस गिरोह की तलाश में थी। बुधवार देर रात मुखबिर की सूचना पर नौबस्ता चौराहे से पुलिस ने करमचंदपुर प्रतापगढ़ निवासी जितेंद्र उर्फ धीरू, बजरंग बहादुर सिंह उर्फ सावन सिंह और हरिहर रामपुर प्रतापगढ़ निवासी मुजीबुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। डीआईजी ने बताया कि सभी आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे लगा रहे थे चूना
आरोपी ऐसे एटीएम बूथ को चुनते थे, जिनमें गार्ड न हों। एनसीआर कंपनी के एटीएम खासतौर पर इनके निशाने पर होते थे। इस कंपनी के एटीएम अभी भी पुरानी तकनीक के हैं। आरोपी एटीएम से पांच सौ रुपये निकालने के लिए प्रक्रिया पूरी करते हैं। जैसे ही पैसा आता है, ये शटर को रोक लेते हैं और उसमें डिवाइस लगा देते हैं।