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मिशन इंद्रधनुष में दो माह के शिशु को लगे तीन टीके, देर रात हुई मौत, परिजनाें ने काटा हंगामा

Sat, 07 Mar 2020 07:34 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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शिशु की माैत हो जाने पर रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद के कमालगंज में मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत बीमारियों से सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान का शुक्रवार को गांव के लोगों ने विरोध किया था। तहसीलदार ने परिजनों को समझाकर बच्चों को टीका लगवा दिए थे। टीका लगने के बाद देर रात दो माह के शिशु की मौत हो गई। शनिवार को परिजनों की तहरीर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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क्षेत्र के गांव बझेरा मलिकपट्टी में शुक्रवार को दो बजे एएनएम अनीता, आशा अरुणा देवी के साथ चार लोगों की टीकाकरण टीम गांव पहुंची थी। कई बच्चों के परिजनों ने टीकाकरण का विरोध किया। इस पर एएनएम अनीता ने लेखपाल रघुवंश प्रताप को सूचना दी। इसके बाद तहसीलदार राजू सिंह गांव में पहुंचे।

उन्होंने बच्चों के परिजनों को समझाकर टीके लगवाए। करीब तीन बजे ब्रह्मपाल के दो माह के पुत्र हिमांशु को भी तीन टीके लगाए गए थे। टीकाकरण के एक घंटे बाद से हिमांशु की तबियत बिगड़ने लगी। शाम छह बजे उसकी नाक के खून आना शुरू हो गया था। देर रात करीब 11.30 बजे हिमांशु की मौत हो गई थी।
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हिमांशु की मां कमलेशा देवी ने अपने पति ब्रह्मपाल को बेटे की मौत की सूचना दी। ब्रह्मपाल कायमगंज के एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। वह वहां से रात दो बजे अपने घर पहुंचे। शिशु की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। शनिवार सुबह ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस व लेखपाल को दी। खुदागंज चौकी प्रभारी उदयवीर सिंह मौके पर पहुंचे।

उन्होंने पूछताछ के बाद शव पोस्टमार्टम को भेजा। वहीं, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य कर्मियों ने शिशु का वजन किए बिना ही अधिक डोज के टीके लगा दिए। शिशु हिमांशु के भाई दीपांशु (12), अजीत (6) व दो बहनें रोहली(11) व गुड़िया (8) हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है। 12 घंटे पहले मौत होने की पुष्टि की गई है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज के प्रभारी डॉ. सोमेश अग्निहोत्री ने बताया कि हिमांशु को पोलियो व अन्य रोगों से बचाव के लिए आईटीबी, फेफड़े़ आदि की बीमारियों से बचाव को न्यू मोकोकल (टीसीबी) तथा खसरा व अन्य बीमारियों से सुरक्षित करने को पेंटावैलेट का टीका लगाया गया था। गांव में कुल सात बच्चों को टीके लगाए गए। बाकी बच्चे सही हैं।
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