चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बवाल करने वाले 11 स्टूडेंटों का दोष बुधवार को तय कर दिया गया। साथ ही हॉस्टल से निष्कासन, जुर्माना वसूलने और कंडक्ट प्रोबेशन (सीपी) पर रखने का फैसला भी हुआ। तीन स्टूडेंटों को एक साल के लिए हॉस्टल से निष्कासित किया गया है।
कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 19 अक्तूबर को बवाल हुआ था। कर्पूरी ठाकुर और आरएसआरपी हॉस्टल के छात्रों में जमकर मारपीट हुई थी। मामले की जांच डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. पीके उपाध्याय की टीम ने की और कार्रवाई की सिफारिश कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह से कर दी। कुलपति ने रिपोर्ट का अध्ययन किया और बवाल को गंभीर मानते हुए कार्रवाई तय कर दी, जो अगले सेमेस्टर से प्रभावी मानी जाएगी।
इनसेट
कृष्णा यादव, बीएससी एग्रीकल्चर फर्स्ट सेमेस्टर को दूसरे और तीसरे सेमेस्टर के लिए हॉस्टल से निष्कासित किया गया। पांच हजार रुपये जुर्माना ठोंका। एक साल तक (सीपी) पर रहेंगे। छात्रवृत्ति सहित यूनिवर्सिटी के किसी कामकाज में हिस्सा लेने पर रोक होगी। चेतावनी देने के साथ ही माता-पिता का शपथ पत्र मांगा गया। बीएससी उद्यान फर्स्ट सेमेस्टर के छात्र शैलेंद्र पाल को जुर्माना छोड़कर सारे दंड दिए गए हैं।
- बीएससी एग्रीकल्चर के राहुल कुमार और वैभव सिंह पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका गया। साथ ही दूसरे और तीसरे सेमेस्टर के लिए हॉस्टल से बाहर और एक साल तक सीपी पर रहेंगे।
- बीएससी उद्यान केे दिनेश कुमार और बीएससी एग्रीकल्चर के महेंद्र, मनीष भदौरिया और रूपेश से 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लिया जाएगा। माता-पिता को शपथ पत्र भी देना होगा।
- बीएससी एग्रीकल्चर के रजत कुमार मौर्या, अमन दुबे और अभिषेक पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। चेतावनी देकर माता-पिता से शपथ मांगा।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
30 नवंबर को हुए बवाल की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। इसकी जांच पांच सदस्यीय कमेटी कर रही है। पथराव से हुए संपत्ति के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इसी सप्ताह जांच रिपोर्ट डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स को सौंपे जाने की उम्मीद है।